choodamani temple,
ऐसे हुआ भव्य मंदिर का निर्माण गांव के बारूमल त्यागी रामेश्वर त्यागी, कबूल सैनी, मा. रामनाथ शर्मा चतर सिंह, वेदपाल कश्यप, कांति देवी आदि बताते है कि एक बार लंढौरा रियासत के राजा जंगल मे शिकार करने के लिए आए हुये थे तो जंगल मे घूमते घूमते उन्हे माता की पिंडी के दर्शन हुये । उस समय राजा के यहा कोई पुत्र नही था तो उन्होंने पुत्र प्राप्ति की मन्नत मांगी ओर पुत्र प्राप्ति के बाद सन् 1805 मे भव्य मंदिर का निर्माण कराया । इन दिनों मंदिर में पूजा कर मन्नत मांगने वालों की भारी भीड़ लग रही है।
(अमर उजाला इन तथ्यों की तस्दीक नहीं करता है। यह केवल मान्यताओं के आधार पर पेश किए गए हैं।)