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Winter Queen Manali: पांच महीने में 23 किलो वजन कम कर आरजू राणा बन गईं शरद सुंदरी

Sat, 07 Jan 2023 08:25 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
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ग्रूमर दिव्यांगना के शरद सुंदरी आरजू व अन्य। - फोटो : संवाद
कड़ाके की ठंड और देवदार के घने पेड़ों के बीच बनी मनु रंगशाला में सफेद और नीले रंग के गाउन पहन 27 सुंदरियां रैंप पर उतरीं। शरदोत्सव मनाली के अंतिम दिन शरद सुंदरी प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान प्रतिभागी कैटवॉक करती हुईं उत्साह के साथ इस प्रतियोगिता में शामिल हुईं। पहले राउंड में प्रतिभागियों को उनकी खूबी के आधार पर शाइनिंग स्टार, मिस टैलेंटड, मिस पैशन, मिस ब्रिलियंट, मिस रैंपवॉक, मिस फोटोजनिक, शाइनिंग स्टार, मिस करेजियस जैसे टायटल दिए गए। ग्रैंड फिनाले में दो राउंड के बाद आरजू राणा के सिर शरद सुंदरी का ताज सजा।

शरद सुंदरी का ताज पहनने वाली आरजू मॉडलिंग क्षेत्र में ऊंचाइयां छूने के लिए बेताब हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरजू ने फिट रहने के लिए अपना वजन तीन से पांच महीने की में करीब 23 किलोग्राम घटाया। इसके लिए खूब मेहनत की। मीडिया से बातचीत में आरजू ने कहा कि वह पिछले वर्ष जून में हुई मिस सराज प्रतियोगिता में फर्स्ट रनरअप का खिताब जीत चुकी हैं। 

विंटर क्वीन को मिला एक लाख रुपये का इनाम
विंटर कार्निवाल में विंटर क्वीन प्रतियोगिता सबसे आकर्षण का केंद्र रही। मंडी की आरजू शर्मा विंटर क्वीन बनीं। उन्हें कार्निवाल कमेटी की ओर से एक लाख की राशि दी गई। प्रथम रनरअप रहीं निकिता ठाकुर को 50,000 और द्वितीय रनरअप स्मृति को 30,000 दिए गए हैं।

 
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आरजू राणा अन्य सुंदरियों के साथ। - फोटो : संवाद
आरजू इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं। मॉडलिंग की दुनिया में भी भाग्य अजमाएंगी। मंडी जिले के जंजैहली गांव में अर्चना राणा और अजय राणा के घर जन्मीं आरजू राणा फिलहाल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पर ध्यान लगाना चाहती हैं। शौक के चलते मॉडलिंग भी नहीं छोड़ेंगी। कहा कि वह ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली हैं। पढ़ाई के साथ स्कूल में अन्य गतिविधियों में भी भाग लेती रही हैं। मनाली के विंटर कार्निवाल में होने वाली सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने की बात माता-पिता के समक्ष रखी तो उन्होंने हामी भर दी। 
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1 - फोटो : अमर उजाला
आरजू ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और ग्रूमर दिव्यांगना को दिया है। कहा कि उनके पिता सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। इसलिए उनमें भी देशसेवा की भावना है। वह फिट रहना चाहती थीं। इसके लिए अपना वजन कम करने पर ध्यान दिया। कम प्रोटीन युक्त खाना खाना और रोज व्यायाम करना उनकी दिनचर्या में शामिल है। उनका वजन करीब 85 किलोग्राम था। तीन से पांच महीने लगातार अपनी दिनचर्या में बदलाव कर उन्होंने इसे कम किया। अब उसका वजन लगभग 62 किलोग्राम रह गया है। वह हर रोज करीब दो घंटे दौड़ती हैं। 

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फर्स्ट रनर अप रहीं शिमला की निकिता ठाकुर - फोटो : संवाद
विश्व सुंदरी बनना चाहती हैं निकिता
शरद सुंदरी प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर अप रहीं शिमला की निकिता ठाकुर का सपना विश्व सुंदरी बनना है। गांव देहा बलसम में सुनीता ठाकुर व दौलत राम ठाकुर के घर जन्मीं निकिता शिमला में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। पिता सीआरपीएफ में मेजर हैं। निकिता ने बताया कि माता-पिता को उनकी सफलता का पता चला तो वे बहुत खुश हुए। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता सहित ग्रूमर दिव्यांगना को दिया।
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सेकेंड रनर अप रहीं बंजार की स्मृति ठाकुर - फोटो : संवाद
जज बनना चाहती हैं स्मृति
शरद सुंदरी प्रतियोगिता में सेकेंड रनर अप रहीं बंजार की स्मृति ठाकुर का सपना जज बनना है। बंजार के कलवारी गांव में माता मीना देवी व पिता कुलदीप सिंह के घर जन्मीं स्मृति वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। माता गृहिणी हैं। पिता हिमाचल पुलिस में मुख्य आरक्षी के पद पर हैं। स्मृति का कहना है कि पढ़ाई के साथ साथ सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेती रहेंगी।
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