ज्योतिषाचार्य डॉ. मस्तराम
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ज्योतिषाचार्य डॉ. मस्तराम ने बताया कि इस दिन पूजा-पाठ जप, दान आदि करना विशेष रूप से श्रेष्ठ होगा। ग्रहण प्रारंभ होने से पूर्व तीन घड़ी और ग्रहण समाप्त होने के उपरांत तीन घड़ी तक भोजन आदि करना निषिद्ध माना गया है। इस दिन व्रत धारण करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के समय रात्रि को भी गंगा, नदियों और बावड़ियों में स्नान किया जा सकता है। इस दिन दान, पूजा-पाठ करना चाहिए। मूल नक्षत्र की शांति के लिए मंत्र का जाप और सूर्य की उपासना करनी चाहिए।