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Himachal: सितंबर-अक्तूबर में हिमाचल के इन पर्यटन स्थलों में कर सकते हैं बर्फबारी के दीदार, तो चले आइए

Tue, 13 Sep 2022 03:25 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रा। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और बर्फ से ढके पहाड़ों के खूबसूरत नजारों को निहारने के लिए हर कोई यहां खींचा चला आता है। हिमाचल में दर्जनों ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। प्रदेश के कई पर्यटन स्थलों में सितंबर व अक्तूबर में बर्फबारी शुरू हो जाती है। इन स्थलों पर पहुंचते ही बर्फ से लदी खूबसूरत वादियां आपका स्वागत करती हैं। ऐसे में यदि हिमाचल घूमने की योजना बना रहे हैं तो आपकी बर्फबारी देखने की चाहत पूरी हो सकती है। 

ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़ें जरूर रखें जो ज्यादा भारी न हों। मेडिकल किट, चार्जर आदि रखना न भूलें। घूमने वाली जगह के बारे में पहले से सारी जानकारी जुटा लें, ताकि घूमने का मजा किरकिरा न हो। हालांकि, प्रदेश की कई ऊंची चोटियों पर सितंबर के शुरुआत में ही बर्फबारी शुरू हो जाती है। आइए जानते हैं हिमाचल के उन स्थलों को, जहां सितंबर व अक्तूबर में बर्फ से लिपटी वादियों के दीदार हो सकते हैं। 
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तंगलंगला में बर्फबारी के बीच सैलानी। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में मनाली-लेह मार्ग पर पड़ने वाले 17,000 फीट ऊंचे तंगलंग दर्रे पर इस बार 6 सितंबर को ही बर्फबारी हुई है। दर्रे में कई किलोमीटर तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई थी। लाहौल की कुगती जोत में भी हिमपात हुआ। मनाली-लेह मार्ग पर पड़ने वाले इस स्थल पर पर्यटक बर्फबारी के बीच खूब मस्ती करते हैं। हालांकि, 15 सितंबर के बाद अधिकारिक रूप से एचआरटीसी का लेह-दिल्ली बस रूट बंद हो जाता है। 
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 विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा - फोटो : अमर उजाला
 विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा में 15 सितंबर के बाद हल्की बर्फबारी शुरू हो जाती है। अक्तूबर में दर्रा पर बर्फ की सफेद चादर बिछ जाती है। इन शानदार नजारों को निहारने व कैमरे में कैद करने के लिए पर्यटक खींचे चले आते हैं। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 13050 फीट ऊंचा रोहतांग सैलानियों की प्रमुख सैरगाह है। 

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रोहतांग दर्रा - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा बारालाचा, कुंजुम पास, मनाली, लाहौल-स्पीति, धौलाधार और चंबा की ऊंची चोटियां मकरवे, शिकरवे, सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, पतालसू पीक, देउ टिब्बा, हनुमान टिब्बा, शेतीधार, दशोहर लेक, व्यास कुंड, मणिमहेश, कुगति, चौबिया, क्वारसी और जालसू बर्फ की चादर ओढ़ लेती हैं। 
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बर्फ से लकदक रोहतांग - फोटो : अमर उजाला
पर्यटक बर्फ से ढकी इन चोटियों का शानदार नजारों का दीदार किए बिना नहीं रहते। वहीं, ज्यादा बर्फबारी की स्थिति में अक्तूबर में रोहतांग दर्रे के लिए पर्यटकों की आवाजाही रोक दी जाती है। हालांकि, अटल टनल से आवाजाही सुचारु रहती है। 
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मनाली की वादियां। - फोटो : संवाद
सितंबर अंत व अक्तूबर में मनाली की चोटियों बर्फ से लकदक होने के चलते यहां घूमने का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं। मनाली से कुछ दूरी पर सोलंगनाला में स्कीइंग, स्नो स्कूटर राइड का भी आनंद उठाया जा सकता है। 
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चूड़धार में बर्फबारी। - फोटो : संवाद
इसी तरह सिरमौर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल चूड़धार में भी बर्फ के दीदार कर सकते हैं। वर्ष 2021 में 24 अक्तूबर को यहां सीजन की पहली बर्फबारी हुई थी।  

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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
शिमला जिले के पर्यटन स्थल कुफरी, नारकंडा में भी अक्तूबर में बर्फ के दीदार हो सकते हैं। हालांकि, शिमला शहर में नवंबर, क्रिसमस या नए साल पर बर्फबारी की ज्यादा संभावना रहती है। 

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लक्कड़मंडी - फोटो : अमर उजाला
चंबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी के लक्कड़मंडी, डैनकुंड, लक्कड मंडी और पौलहाणी के अलावा मंडी जिले के ऊंचाई वाले भागों में भी अक्तूबर में बर्फबारी होती है।

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किन्नौर में बर्फबारी। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, किन्नौर जिले के रिकांगपिओ सहित कल्पा, पूह और निचार के ऊंचाई वाले इलाके बर्फ की चादर ओढ़ लेते हैं। यहां भी पर्यटक बर्फ के दीदार के लिए पहुंचते हैं। 
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