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Shimla Rains: शिमला में 200 से ज्यादा पेड़ गिरे, कई गाड़ियां दबीं, भवनों को खतरा, तस्वीरों में देखें तबाही

Tue, 15 Aug 2023 02:39 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश की राजधानी में तीन दिन से जारी मूसलाधार बारिश से सोमवार व मंगलवार को अब तक 200 से ज्यादा पेड़ ढह चुके हैं। वन विभाग के अनुसार बीते दो दिन के भीतर ही शहर में 250 से ज्यादा पेड़ ढह चुके हैं।
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शिमला में पेड़ गिरा, गाड़ी क्षतिग्रस्त। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी में तीन दिन से जारी मूसलाधार बारिश से सोमवार व मंगलवार को अब तक 200 से ज्यादा पेड़ ढह चुके हैं। वन विभाग के अनुसार बीते दो दिन के भीतर ही शहर में 250 से ज्यादा पेड़ ढह चुके हैं। मंगलवार को भी शहर के अलग-अलग भागों में पेड़ ढहे हैं। बालूंगज, भट्ठाकुफर, सांगटी के अलावा अन्य क्षेत्रों में पेड़ ढहे हैं।  समरहिल, रुल्दूभट्ठा, नाभा, मज्याठ, बैनमोर, जाखू में सबसे ज्यादा पेड़ ढहे हैं। पेड़ ढहने और भूस्खलन के कारण शहर में 25 से ज्यादा गाड़ियां दब गई हैं। भूस्खलन से कई वार्डों में रिहायशी भवनों पर खतरा मंडरा गया है।

रुल्दूभट्ठा के 12 घर की लाइन के पास भूस्खलन होने से यहां बनी पार्किंग पर पेड़ ढह गए। इससे दो गाड़ियां चकनाचूर हो गई जबकि तीन बाइक भी दब गई।  पार्षद सरोज ठाकुर के अनुसार पेड़ ढहने से बिजली गुल हो गई है। कैथू में भी भूस्खलन होने से एक मकान को खतरा पैदा हो गया है। पार्षद कांता सुयाल के अनुसार मौके पर तिरपाल भी लगा दिया गया है। विकासनगर में भी भूस्खलन से बहुमंजिला भवन को नुकसान पहुंचा है। पार्षद रचना भारद्वाज के अनुसार मलबा भवन परिसर में घुस गया है। तिब्बती कालोनी पंथाघाटी में भूस्खलन से शक्ति विहार सड़क बंद हो गई है। 
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टॉलैंड में ढहा पेड़। - फोटो : अमर उजाला
आरसीसी कंप्यूटर सेंटर जाखू के पास भी भूस्खलन से पेड़ ढहने का खतरा पैदा हो गया है। पार्षद अतुल गौतम के अनुसार टिटला होटल के पास भी तीन पेड़ ढहे हैं। बैनमोर में पेड़ ढहने और भूस्खलन से सड़क बंद हो गई है। पूर्व पार्षद किमी सूद के अनुसार यहां सीवरेज लाइन टूट गई है। रुल्दूभट्ठा के कोर्ट हिल्स में भूस्खलन से भवन को खतरा हो गया है।  पार्षद रचना शर्मा के अनुसार जलभवन के पास कसुम्पटी पंथाघाटी सड़क भूस्खलन से बंद हो गई है।  हालांकि, इसे दोपहर बाद बहाल कर दिया गया है। 
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भूस्खलन। - फोटो : संवाद
भट्ठाकुफर में कई सड़कों पर भूस्खलन होने से आवाजाही ठप हो गई है। पार्षद नरेंद्र ठाकुर के अनुसार कई सड़कों पर दरारें पड़ चुकी हैं, ये कभी भी ढह सकती हैं। टुटू में पेड़ ढहने और भूस्खलन से सुबह सड़क बंद हो गई। पार्षद मोनिका भारद्वाज ने मौके पर पहुंचकर सड़क बहाल की। यहां बसस्टॉपेज के पास भूस्खलन हुआ है। बिजली पोल भी ढह गए हैं।

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सांगटी में ढहे पेड़। - फोटो : संवाद
शहर के समरहिल के सांगटी में भी कई पेड़ गिरे हुए हैं। इससे मार्ग बाधित हो गया।
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पेड़ गिरा। - फोटो : संवाद
वहीं, शिमला चक्कर प्रिंटिंग प्रेस के पास भी भूस्खलन हुआ है। इससे वाहनों की आवाजाही बाधित रही। शिमला लोक निर्माण विभाग स्टोर बालूगंज के पास पेड़ गिरने से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। 
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विकासनगर में भूस्खलन - फोटो : संवाद
विकासनगर में वर्मा निवास के पास भूस्खलन हुआ है। सड़क में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं हैं। वहीं मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। 
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पेड़ गिरने से गाड़ी को नुकसान। - फोटो : संवाद
भट्ठाकुफर में पेड़ गिरने से भारी नुकसान हुआ है। पेड़ गिरने से कारों को क्षतिगस्त हो गई है। बड़ी मात्रा में मलबा भी सड़क पर आ गया।
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पेड़ गिरा, भूस्खलन से मकान को खतरा। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी में भारी बारिश के कारण सड़कों और भवनों पर धड़ाधड़ गिर रहे पेड़ों को हटाने के लिए वन विभाग देर रात 3:00 बजे तक काम में डटा रहा। डीएफओ अनिता भारद्वाज की अगुवाई वाली टीमें सर्कुलर रोड समेत रिहायशी भवनों पर गिरे पेड़ कटवाने के लिए तैनात रही। भारी बारिश के बीच विभाग की तीन टीमें सोमवार सुबह 6:00 बजे फिर वार्डाें में पहुंच गई। डीएफओ ने बताया कि शहर में रविवार रात 9:00 बजे से 3:00 बजे तक करीब 70 पेड़ ढह गए थे जिन्हें रात को ही हटा दिया गया था।
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