आरोप है कि छह मई को अध्यापक नशे की हालत में स्कूल पहुंच गया। स्कूल में तैनात दूसरा शिक्षक चुनावी ड्यूटी पर था। ग्रामीण और स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और स्कूल के बरामदे में नशे की हालत में पड़े शिक्षक को उठाया और कुर्सी पर बैठाया।