कालेधन पर केंद्र की सर्जिकल स्ट्राइक का असर अब देखने को मिल रहा है। देश में बड़े नोटों पर लगी पाबंदी के बाद सर्तक हुई हिमाचल प्रदेश की जिला मंडी पुलिस ने सुंदरनगर में मनाली से दिल्ली की तरफ जा रही एक फार्चूनर गाड़ी (एचपी58/7707) से 76 लाख की नकदी बरामद की है। गाड़ी में यह नकदी एक गत्ते की पेटी को गिफ्ट पैक के रुप में रखी गई थी।
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पुलिस ने तलाशी में गिफ्ट पैक का वजन अधिक होने पर जब उसे खोला तो अंदर 1000 व 500 रुपये के पैकेट भरे मिले। पुलिस ने नकदी को कब्जे में ले लिया है। जिस गाड़ी से 500 और 1000 नोटों की खेप बरामद हुई है। उसका रजिस्ट्रेशन मनाली के पलचान स्थित हिमालयन रोपवे प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है। नोटों की खेप मनाली से नालागढ़ ले जाई जा रही थी।
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पुलिस ने कालाधन होने की संभावना को देखते आयकर विभाग व आबकारी विभाग को इस बारे में सूचित कर दिया है। जो इस राशि को लेकर जांच करेंगे। जानकारी के अनुसार सुंदरनगर के बीएसएल थाना पुलिस के एएसआई जगदीश कुमार के नेतृत्व में रात एक बजे हाइवे पर धनोटू में नाका लगा रखा था। इस दौरान रात करीब सवा एक बजे मनाली की ओर से आ रही एक फार्चूनर को पुलिस ने तलाशी के लिए रोका। गाड़ी में चालक समेत दो लोग सवार थे। वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को डिक्की में एक बड़ा और एक छोटा गिफ्ट बॉक्स मिला।
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पुलिस टीम ने शक होने पर जब गिफ्ट बॉक्स को खोला तो उसमें 500 और 1000 रुपये के नोटों के पैकेट बरामद हुई। पुलिस ने सारा कैश कब्जे में ले लिया। थाना पहुंचने पर जब कैश की गिनती की गई तो उसमें 76 लाख रुपये पाए गए। जिसमें 500 के नोटों की 50 और 1000 रुपये के 26 पैकेट पाए गए। पुलिस ने इस मामले में वाहन में सवार दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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पुलिस अधीक्षक मंडी प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि इस मामले में जांच आरंभ कर दी गई है। पुलिस के अनुसार वाहन को हरदेश कुमार निवासी गोरखपुर चला रहा था। गाड़ी में चालक के साथ जगमोहन भी सवार था। यह दोनों हिमालयन रोपवे कंपनी के कर्मचारी हैं।
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आधी रात को गाड़ी से लाखों रुपये गिफ्ट पैक का डिब्बा बना 500 और 1000 रुपये के नोटों की खेप ले जाने से इसे कालाधन से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से बड़ी करंसी बंद करने के बाद कालाधन रखने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में धनराशि चोरी छुपे ले जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस के अनुसार आगामी कार्रवाई आयकर विभाग व आबकारी विभाग की जांच के बाद ही अमल में लाई जाएगी।