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Martyr Arvind: राजोरी में बलिदान पति अरविंद की अर्थी को दुल्हन का लिबास पहन पत्नी ने दिया कंधा, रोया पूरा गांव

Sun, 07 May 2023 10:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, डरोह (कांगड़ा)
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शहीद अरविंद की अर्थी को कंधा देती पत्नी बिंदू और विलाप करतीं मां। - फोटो : संवाद
जम्मू-कश्मीर के राजोरी में कंडी के जंगलों में शुक्रवार को आतंकियों की बिछाई आईईडी में विस्फोट होने से बलिदान हुए सेना के जवान अरविंद चौधरी (33) का रविवार को सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कांगड़ा जिले के धीरा उपमंडल के चटियाला (सूरी) गांव के रहने वाले अरविंद की अर्थी को उनकी पत्नी बिंदु देवी ने दुल्हन का लिबास पहनकर कंधा दिया। 

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- फोटो : संवाद
वहीं, उनकी चिता को मुखाग्नि बड़े भाई भूपिंद्र सिंह ने दी। इस दौरान समूचा क्षेत्र अरविंद जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। बलिदान हुए जवान अरविंद की अंतिम यात्रा में शामिल हजारों लोगों की आंखें नम थीं। लोगों में पाकिस्तान के प्रति गुस्सा था। दो दिन पहले जवान की पार्थिव देह के इंतजार में पत्नी बिंदु और माता निर्मला ने दो दिन से पानी की एक बूंद भी नहीं पी थी। 
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- फोटो : संवाद
सुबह 8:00 बजे तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह सेना के वाहन से उनके घर पर पहुंचाई गई। पत्नी बिंदु ने दुल्हन के लिबास में अपने पति के अंतिम दर्शन किए। शहीद की अंतिम यात्रा और अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोग, प्रशासनिक अधिकारी और सेना के जवान मौजूद थे। जवान के परिजनों, ग्रामीणों और रिश्तेदारों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। 

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- फोटो : संवाद
पत्नी बिंदु दोनों नन्हीं बेटियों को सीने से लगाकर फूट-फूट कर रो रही थीं। माता का भी बुरा हाल था। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने शेर आया शेर आया, भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद, शहीद अरविंद अमर रहे के नारे लगाए। सेना के जवानों ने पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान को सलामी दी।
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- फोटो : संवाद
अरविंद की दो ओर चार साल की नन्हीं परियां सानमीता और शानविका इस घटना से अनजान हैं। मां को रोते देख वे भी फफक-फफक कर रोने लगीं।
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- फोटो : संवाद
बुजुर्ग माता-पिता हैं बीमार- एक तरफ बीमारी और दूसरी तरफ जवान बेटे की मौत ने अरविंद के बुजुर्ग माता-पिता पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया है। अरविंद के पिता उज्ज्वल सिंह मानसिक रूप से बीमार हैं। माता निर्मला देवी भी बीमारी से जूझ रही हैं।
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दो बेटियों के साथ गमगीन शहीद की पत्नी। - फोटो : संवाद
शहीद के नाम पर होगा मरहूं स्कूल का नाम- बलिदान हुए जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए कृषि एवं बागवानी मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि मरहूं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का नामकरण अब अमर शहीद अरविंद के नाम से होगा। सरकार उनकी पत्नी बिंदु देवी को सरकारी नौकरी भी देगी। उनके नाम से गांव में पार्क और प्रवेश द्वार बनेगा।
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