बैठक में मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन देने, बड़े उद्योगों की तुलना में अधिक प्रोत्साहन सहित एंकर इकाइयों की नई अवधारणा को शुरू करना, विद्यालय, अस्पताल, अन्य सामान्य सुविधाओं जैसी सामान्य औद्योगिक तथा सामाजिक अधोसंरचना के लिए प्रोत्साहन, सात वर्षों के लिए 90 प्रतिशत तक कुल जीएसटी की प्रतिपूर्ति की सुविधा, उद्योगों को ब्याज अनुदान पर 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष की अधिकतम सीमा सहित तीन से पांच वर्षों के लिए मिलने वाले मियादी ऋणों को स्वीकृति प्रदान की। इसके अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों की औद्योगिक इकाइयों के लिए फ्लोर एरिया अनुपात बढ़ाने की भी अनुमति प्रदान की।