मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 53,413 करोड़ रुपये का अपना पहला बजट भविष्य की कई उम्मीदों के साथ पेश किया। 30,000 लोगों को सरकारी नौकरियां व निजी क्षेत्र में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 90,000 को रोजगार देने की घोषणा की गई। 40,000 नए लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लाने की बात भी की। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण पेश करते हुए कहा कि राज्य में पहले चरण में 2.31 लाख महिलाओें को प्रतिमाह 1,500-1,500 रुपये दिए जाएंगे। इसमें प्रतिवर्ष 416 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बजट में मुख्यमंत्री ने युवाओं, बेरोजगारों, महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, कारोबारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, अस्थायी कर्मियों आदि को कुछ न कुछ देने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में विकसित करने का एलान किया। बजट में 25 हजार विभिन्न कार्यात्मक पदों को भरने की घोषणा है।
इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सें, रेडियोग्राफर, ओटी सहायक, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, एमआरआई तकनीशियन, ईसीजी तकनीशियन, मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी, तकनीकी शिक्षा विभाग में विभिन्न श्रेणियों के अध्यापक, इंस्ट्रक्टर, शिक्षा विभाग में विभिन्न वर्गों के शिक्षक, पुलिस आरक्षी, पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सहायक, पैरा फिटर, पंप ऑपरेटर, मल्टी टास्क पार्ट टाइम वर्कर, बिजली बोर्ड में लाइनमैन, जूनियर टीमेट व लिपिकों के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल, सिंचाई व सीवरेज स्कीमों के रखरखाव व परिचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के पांच हजार पद भरे जाएंगे। बजट में विधायक ऐच्छिक निधि को 12 से बढ़ाकर 13 लाख रुपये करने की घोषणा की गई। विधायक क्षेत्र विकास निधि को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.10 करोड़ रुपये किया।
निजी क्षेत्र में 90,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार
2023-24 में 20 हजार करोड़ रुपये के निजी निवेश के साथ 90,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। नई ओद्यौगिक नीति व निवेशकों की सुविधा के लिए ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन खोला जाएगा। बजट में घोषणा की गई कि सिंगल विंडो सिस्टम खत्म होगा। नई उद्योग नीति लाई जाएगी। बेरोजगार युवाओं को 500 रूटों पर इलेक्ट्रिक वाहन के परमिट दिए जाएंगे। हमीरपुर में बस पोर्ट बनाया जाएगा जिस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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ग्रीन हाइड्रोजन नीति बनाई जाएगी, शराब पर प्रति बोतल 10 रुपये सेस
हिमाचल प्रदेश में हर उपमंडल की दो पंचायतें ग्रीन पंचायतें बनेंगी। प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति लाई जाएगी। कांगड़ा हवाई पट्टी का विस्तार मौजूदा 1372 मीटर से 3010 मीटर किया जाएगा। शराब पर प्रति बोतल 10 रुपये दूध सेस लगाया जाएगा। जिसका इस्तेमाल दूध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए किया जाएगा। बिजली बनाने के लिए लगने वाले पानी पर वाटर सेस लगाया जाएगा।
राजस्व प्राप्तियां 37,999 करोड़ रहने का अनुमान
वर्ष 2023-24 में राजस्व प्राप्तियां 37, 999 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है तथा कुल राजस्व व्यय 42, 704 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार कुल राजस्व घाटा 4,704 करोड़ रुपये अनुमानित है। राजकोषीय घाटा 9, 900 करोड़ रुपये अनुमानित है जोकि प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद का 4.61 प्रतिशत है। बजट के अनुसार प्रति 100 रुपये व्यय में से वेतन पर 26 रुपये, पेंशन पर 16 रुपये, ब्याज अदायगी पर 10 रुपये, ऋण अदायगी पर 10 रुपये, स्वायत्त संस्थानों के लिए ग्रांट पर 9 रुपये, जबकि शेष 29 रुपये पूंजीगत कार्यों सहित अन्य गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे। 2023-24 के लिए राज्य विकास बजट के लिए 9,524 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रस्ताव है। अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के लिए 2,399 करोड़, जनजातीय विकास कार्यक्रम के लिए 857 करोड़ तथा पिछड़ा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 104 करोड़ रुपये के व्यय किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय योजनाओं के लिए 3,397 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्तावित किए गए हैं
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