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Himachal Floods: मनाली में बाढ़ ने बरपाया कहर, बह गए घर-वाहन, तीन दिन बाद सामने आईं तबाही की तस्वीरें

Wed, 12 Jul 2023 07:23 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनाली(कुल्लू)
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मनाली में बाढ़ से तबाही। - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश के मनाली में बुधवार को इंटरनेट सेवाएं बहाल होने के बाद तीन दिन पहले बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। तीन दिन पहले बारिश से ब्यास नदी में आई बाढ़ से  मनाली में भारी तबाही हुई है। उफनती ब्यास में भवन, वाहन तिनके की तरह बह गए। इस तबाही के वीडियो, तस्वीरें अब वायरल हो रहे हैं। कई जगह सड़क का नामोनिशान मिट गया। बाहंग में उफनती ब्यास में कैफे बह गया। वहीं, आलू ग्राउंड में ग्रीन टैक्स बैरियर व मिडल स्कूल का भवन नदी में बह गया। 

मनाली में रसोई गैस के लिए हाहाकार
मौसम खुलने के बाद जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है लेकिन दुश्वारियां और बढ़ने लगी हैं। बाढ़ के बाद मनाली में रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल के लिए हाहाकार मच गया है। पेट्रोल पंपों में स्टॉक खत्म हो गया है जबकि रसोई गैस के लिए लोगों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। ब्रेड, दूध, अंडे और सब्जियों की सप्लाई नहीं होने से इन वस्तुओं का संकट गहरा गया है।
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कारें बनीं कबाड़। - फोटो : संवाद
मंगलवार और बुधवार गैस एंजेसी के बाहर सिलिंडर लेने की लिए लोगों की लाइन लगी रही।  इसके अलावा पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की कमी खल रही है। कई लोग गाड़ियों में ईंधन नहीं होने से पेट्रोल पंप तक पहुंचे। 
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बाढ़ से बह गई सड़क। - फोटो : संवाद
 उन्हें भी खाली हाथ ही लौटना पड़ा। वाहन मालिक किरण कुमार ने बताया कि उनकी स्कूटी में पेट्रोल नहीं है। उन्हें जरूरी कार्य से कहीं जाना था। वह बोतल लेकर पंप तक गए लेकिन पेट्रोल नहीं मिला।

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भवन के अब खंभे ही बचे। - फोटो : संवाद
उधर, पर्यटन नगरी मनाली सहित सैकड़ों गांवों में करीब 90 घंटे से ब्लैकआउट है।9 जुलाई से घाटी में बिजली गुल है। नग्गर से पतलीकूहल से लेकर बुरुआ व मझाच गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं।
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तबाही की तस्वीर। - फोटो : संवाद
बुधवार सुबह चार दिन बाद मोबाइल सिग्नल तो आ गया,लेकिन अभी भी बात नहीं हो पा रही है। फोन करने पर एक तरफ से आवाज नहीं आ रही। इंटरनेट सेवा भी बहुत धीमी होने से लोग परेशान हो गए हैं। लगातार तीन दिन हुई बारिश से मनाली सहित पूरी घाटी में भारी नुकसान हुआ है।
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गाड़ियां बनीं कबाड़। - फोटो : संवाद
बिजली गुल होने के कारण गांवों में अंधेरा छा गया है। बिजली बोर्ड की माने तो बिजली बहाल होने में अभी समय लगेगा। ब्यास नदी की बाढ़ में कई बिजली के पोल बह गए हैं। उधर, मोबाइल सेवा भी चार दिन बंद रही।
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बाढ़ में सब बह गया। - फोटो : संवाद
 बिजली नहीं होने के कारण मोबाइल की बैटरी भी खत्म हो गई है। उधर, मनाली शहर के अलावा कई गांवों में पानी का संकट गहरा गया है। तीन दिनों से पानी नहीं आ रहा। बाढ़ से कई पेयजल योजनाएं ठप हो गई है। लोग प्राकृतिक बावड़ियों से पानी का प्रबंध करने को विवश हो रहे हैं।

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टैक्स बैरियर भी बह गया। - फोटो : संवाद
ब्यास नदी में आई बाढ़ के कारण फंसे पर्यटक मनाली से लौटने लगे हैं। प्रशासन ने कुल्लू-मनाली वामतट मार्ग को अरछंडी से रायसन पुल होकर बहाल कर दिया है।

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भवन की नींव हो गई खोखली। - फोटो : संवाद
यातायात बहाल होते ही हजारों पर्यटक मनाली से लौटने शुरू हो गए। मंगलवार और बुधवार को करीब 3,000 से अधिक वाहन सुरक्षित मनाली से निकाले गए। लेकिन, वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति बेकाबू हो गई। 

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गाड़ियों को नुकसान। - फोटो : संवाद
सरसेई से रायसन के नए पुल तक के करीब 30 किलोमीटर के दायरे में वाहनों की लाइन लग गई। हालात है थे कि दो घंटे के सफर को पूरा करने में 12 घंटे लग गए। दोपहर 1:00 बजे मनाली से निकले पर्यटक बुधवार सुबह कुल्लू पहुंचे।

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तबाही की तस्वीर। - फोटो : संवाद
मौसम खुलते ही प्रशासन ने जगतसुख और रायसन के नए पुल यातायात के लिए अस्थायी तौर पर खोल दिए हैं। 

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महंगी गाड़िया बनीं कबाड़। - फोटो : संवाद
दोनों पुलों के आसपास मिटाई व कंक्रीट डालकर वाहनों की आवाजाही शुरू की है। अरछंडी से वाहन रायसन पुल से राइटबैंक की ओर जा रहे हैं।

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मनाली में बाढ़ से हुई तबाही। - फोटो : संवाद
लेकिन सड़क तंग होने के कारण यहां जाम की स्थिति बन गई। वामतट मार्ग पर भी जगह-जगह सड़क धंस गई है। 

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गाड़ियों को भारी नुकसान। - फोटो : संवाद
कई जगह भूस्खलन हुआ है और इस वजह से जाम लग गया। 
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मनाली में बाढ़ से हुई तबाही। - फोटो : संवाद
मंगलवार को रातभर पर्यटक भूखे-प्यासे वाहनों में फंसे रहे। कुल्लू पहुंचने में 10 से 12 घंटे का समय लग गया। 
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