नोटबंदी के बाद शातिरों ने ठगी का नायाब तरीका अपनाया है। शातिर अब इस तरह लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई है।
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शातिर अब फर्जी आयकर अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। खुद को आयकर अधिकारी बनाकर लोगों से बैंक खाता संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। आधा दर्जन से अधिक उपभोक्ताओं को इन फर्जी आयकर अधिकारियों की कॉल्स आ चुकी हैं, लेकिन आयकर विभाग का नाम सुनते ही उपभोक्ता कॉल डिसक्नेक्ट कर दे रहे हैं।
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आयकर विभाग के नाम से कॉल कर रहा फर्जी गिरोह कॉल करने के बाद उपभोक्ताओं की जन्मतिथि, स्थाई पता और बैंक खाता की जानकारी मांग रहा है। हालांकि आयकर विभाग का नाम सुनते ही उपभोक्ता कॉल डिसक्नेक्ट कर दे रहे हैं। जो कोई उपभोक्ता कॉल नहीं काट रहे उनसे फर्जी आयकर अधिकारी जन्मतिथि, स्थाई पता और बैंक अकाउंट के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।
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बैंक अकाउट के बारे में फर्जी अधिकारी बैंक खाता नंबर, बैंक शाखा का नाम और एटीएम का सीरियल नंबर पूछ रहे हैं। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए उनके आखिरी ट्रांजेक्शन की तिथि भी पूछ रहे हैं।
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हालांकि अब तक पुलिस विभाग इस तरह की किसी भी ठगी होने का मामला दर्ज नहीं होने का हवाला दे रहा है, लेकिन पुलिस विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से जरूर लोगों को फर्जी आयकर अधिकारियों से सावधान रहने की अपील कर रहा है।
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पुलिस अधीक्षक अजय सिंह बौद्ध का कहना है कि फर्जी कॉल्स को अनदेखा न करें। अगर ऐसी कोई कॉल आती है तो तुरंत प्रभाव से स्थानीय पुलिस थाना में इसकी सूचना दें।
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भारत सरकार का कोई भी विभाग जैसे आयकर, वाणिज्य कर या बैंक आदि लोगों को निजी रूप से कोई कॉल नहीं करता है।
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ऐसे में कॉल के माध्यम से किसी को भी अपनी जन्मतिथि, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर आदि व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध न करवाएं।
अपने संबंधियों और परिजनों को भी सतर्क करें। अगर कोई ऐसी कॉल आती है तो तुरंत निशुल्क नंबर 100, 01972-224358, 224339 या एसएमएस के माध्यम से 94591-00100 पर दें।