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गुड़िया केस: थाने में आरोपी ने क्यों ली दोस्त की जान, वजह कहीं ये तो नहीं

Wed, 19 Jul 2017 02:43 PM IST
amarujala.com- Presented by : अशोक चौहान
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गुड़िया गैंगरेप एंड मर्डर केस में एक आरोपी की हत्या के बाद मामला और गहराता जा रहा है। आखिर ऐसा क्या ‌था कि एक आरोपी को अपने दोस्त तक की जान लेनी पड़ी। पुलिस फिर निशाने पर है। आइए जानते हैं क्या हुआ था थाने में-
 
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पुलिस के अनुसार दसवीं की छात्रा से गैंगरेप कर उसकी हत्या करने वाले 6 आरोपी पुलिस ने पकड़े थे। इनमें एक आरोपी आशीष को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था जबकि पांच पुलिस कस्टडी में थे। ये सभी कोटखाई थाने में बंद थे।
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इनमें तीन आरोपी एक लॉकअप जबकि मृतक सूरज और आरोपी राजेंद्र सिंह उर्फ राजू एक ही लॉकअप में बंद थे। पुलिस मुख्यालय से मिली सूचना के अनुसार सभी आरोपियों से देर रात भी पूछताछ चल रही थी। सूरज और राजू से भी पूछताछ हुई।

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बताया जा रहा है कि राजू पूछताछ के बाद वापस अपने लॉकअप लाया गया। यहां इसे सूरज के साथ बंद कर दिया गया। इसके बाद पुलिस बाकी तीन आरोपियों से पूछताछ की तैयारी कर रही थी। इसी बीच सूरज को देख राजू का पारा चढ़ गया।
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राजू ने सूरज को कहा कि उसने पूछताछ में क्या कहा। राजू को लगा कि सूरज ने उसे ही इस वारदात का मुख्य आरोपी बता दिया है। अपने खिलाफ बयान देने को लेकर उसने सूरज से हाथापाई कर दी और उसे फर्श पर पटक दिया।
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सूरज के सिर पर चोट लग गई जिससे खून बहने लगा। काफी देर तक खून बहने से उसकी जान चली गई। बाद में पुलिस को इस मामले की भनक लगी। आरोपी सूरज 29 साल का था और यह कोटखाई के हलाइला में ही रहता था। गैंगरेप और मर्डर में यह राजेंद्र के साथ ही था। आगे पढ़िए आखिर हत्या से कैसे बढ़ गया सस्पेंस-
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एक आरोपी की मौत के बाद मामले पर सस्पेंस और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी एक दूसरे पर इस मामले के लिए आरोप लगा रहे हैं। पकड़े गए ये युवक एक दूसरे को हत्या और गैंगरेप का आरोपी बता रहे हैं। पुलिस जैसे जैसे इनसे अलग अलग पूछताछ कर रही है तो ये सभी एक दूसरे पर बयान दे रहे हैं। इसी कारण ये आपस में भी लड़ रहे हैं। 
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सूरज भी इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर पकड़ा गया था। मगर अब सबके निशाने पर राजेंद्र ही था जिसने गुड़िया को लिफ्ट दी थी और ये पूरी वारदात को प्लान किया था। आईजी जहूर जैदी ने बताया कि लॉकअप में पूछताछ को लेकर ही दोनों में मारपीट हुई जिसमें नेपाली युवक मारा गया। फिलहाल शव को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल लाया जा रहा है। यहां इसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
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