शिमला के कोटखाई की छात्रा को लिफ्ट देकर पांच दरिंदों ने उसके साथ हैवानियत कर दी। मरने के बाद भी उसे नहीं छोड़ा। हैवानियत ऐसी कि आपकी रुह कांप जाएगी। आइए हम आपको बताते हैं क्या हुआ था उस दिन-
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हिमाचल पुलिस के सामने किए खुलासे में आरोपियों ने बताया कि वारदात के दिन आरोपी राजेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में चार दोस्तों के साथ कहीं जा रहा था। इसी दौरान यह दसवीं की छात्रा रास्ते में मिल गई। यह राजेंद्र को जानती थी। गाड़ी रोकने पर छात्रा उसमें बैठ गई। मगर आगे जो हुआ वह रुह कंपा देने वाला था।
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आरोपियों ने कबूला कि आगे जाकर उन्होंने जंगल में गाड़ी रोक दी। यहां सामान उतारने के बहाने गाड़ी से उतर गए। एक दूसरे से बात की कि यही मौका है और ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा। वहीं, गाड़ी में बैठी छात्रा इन सबसे अंजान थी। थोड़ी ही देर बाद युवक वापस गाड़ी के पास लौटे।
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यहां छात्रा को बाहर उतरने को कहा। वह नहीं उतरी तो जबरदस्ती उसे बाहर घसीट लिया। इससे उसके कपड़े तक फट गए। कुछ पिन और कपड़े के टुकड़े भी वहां गिर गए। आरोपी उसका मुंह दबाए उसे जंगल में ले गए।
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यहां कंटीली झाड़ी में उसके कपड़े फाड़कर फेंक दिए। झाड़ियों के घाव तक छात्रा के पीठ पर लग गए। वह चिल्लाने की कोशिश करती मगर नशे में धुत्त दरिंदे नहीं माने। छात्रा के शरीर पर तीन जगह दांतों से काटने तक के निशान मिले हैं।
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हैवानियत की हदें पार करते हुए इन्होंने बारी बारी इससे गैंगरेप कर डाला। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि इसी दौरान उन्होंने छात्रा का मुंह दबा रखा था। इससे उसकी मौत हो गई।
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पुलिस अंदेशा जता रही है कि छात्रा से मरने के बाद भी रेप किया गया। इसके बाद उसे वहीं नग्न हालत में फेंककर फरार हो गए। वहीं, एक आरोपी जो इनमें शामिल नहीं था लेकिन वह इस घटना के बारे में सब जानता था। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो वह गुमराह करने लगा।
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सख्ती के बाद उसने बताया कि छात्रा को उसने वारदात वाले दिन राजेंद्र के साथ देखा था। इसी से पुलिस को लीड मिली। अब पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि छात्रा करीब डेढ़ माह पहले ही इस गांव में पढ़ने आई थी। यह अपने मामा के साथ यहां रहती थी।