बताया जा रहा है कि रास्ता भटक कर दोनों सतांह नामक जंगल की ओर निकले। मोबाइल के माध्यम से उन्होंने सबसे पहले होटल संचालकों को रास्ता भटकने की बात कही। इसके बाद नौहराधार प्रशासन ने एक रेस्क्यू टीम उनकी तलाश में भेजी। इसमें तीन पुलिस के जवान, दो वन कर्मचारी, चार राजस्व विभाग के कर्मचारी और एक स्थानीय ग्रामीण शामिल था। सिरमौर पुलिस ने शिमला पुलिस से संपर्क किया तो वहां से भी एक रेस्क्यू टीम चोटी की ओर निकली। लेकिन, दुर्गम पहाड़ी पर फंसे होने के कारण टीम उस तक नहीं पहुंची।