अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग में लिखा, 'हिमाचल के मेहमाननवाज लोगों का स्नेह और प्यार काफी अभिभूत करने वाला रहा है। वे सम्मान करते हैं, मुस्कुराते हैं और गर्मजोशी से स्वागत करते हैं। कई बार शर्मीले, मृदुभाषी लेकिन कभी भी स्वागत करने वाले।' ढलते जीवन के अंतिम छोर की ओर बढ़ रहे बिग भी में अभी भी सीखने की ललक है। हर दिन हर पल वह नया सीखना चाहते हैं। बेशक, उम्र के इस पड़ाव में अब वह खुद को आराम देने की सोच रहे हों, लेकिन शब्दों की उधेड़बुन में वह अभी यात्रा जारी रखने की बात कह रहे हैं।