रोहतांग दर्रा की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। करीब 20 फीट बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रा की इन ढलानों से अगर कोई नीचे गिर जाए तो उसका कुछ नहीं मिलेगा। शुक्रवार को भी करीब 600 लोग रोहतांग टनल से आर-पार हुए हैं। चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद रोहतांग टनल लोगों की आवाजाही के लिए खुल गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
कुल्लू और लाहौल की तरफ से छह बसों में यात्रियों को टनल के साउथ पोर्टल तक पहुंचाया गया। साउथ पोर्टल से नोर्थ पोर्टल तक यात्रियों को बीआरओ के वाहनों में भेजा गया। रोहतांग टनल से आवाजाही की सुविधा मिलने से जनजातीय क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है।
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इससे पहले गत रविवार को भी 500 लोगों ने टनल आर पार की थी। रोहतांग दर्रा बहाल न होने और हेलीकॉप्टर उड़ानें न होने से जनजातीय क्षेत्र के लोगों को मजबूरन रोहतांग से पैदल बर्फ के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। ऐसे में प्रशासन व बीआरओ ने लोगों को राहत प्रदान की। उधर, एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि करीब 600 लोगों ने रोहतांग टनल आर पार की।
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400 लोग साउथ पोर्टल से नोर्थ पोर्टल और नार्थ पोर्टल से 200 यात्री साउथ पोर्टल की ओर आए। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी केलांग डिपो की छह बसें कुल्लू से धुंधी तक चलाई गई। वहां से नार्थ पोर्टल तक बीआरओ के वाहनों में बिठाकर यात्रियों को 8.8 किलोमीटर लंबी सुरंग पार करवाई गई।
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कोकसर निवासी अमरचंद, सेवानिवृत्त कप्तान अमर सिंह, रमेश चंद, प्रकाश ने कहा कि कोकसर में दूरसंचार सेवा और रेडियो के माध्यम से सुरंग के रास्ते से आवाजाही के बारे सूचना नहीं मिली। ऐसे में उन्हें पैदल ही रोहतांग लांघना पड़ा।
बचाव दल कोकसर के प्रभारी पवन ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार सुबह मौसम साफ होने पर कोकसर से सात यात्रियों को रोहतांग दर्रा पार करवाया गया। मनाली की ओर से प्रवासी मजदूर सहित कुल 130 यात्रियों ने कोकसर में प्रवेश किया।