मंजरी को नृत्य की शिक्षा पंडित अर्जुन मिश्र से मिली है। नृत्य की शुरूआत उन्होंने कथक विधा से ही की थी। नृत्य पर गहन अध्ययन करने के लिए वो पंजाब, अवध, कश्मीर, तुर्कमेनिस्तान, ईरान और किर्गिस्तान भी गईं थीं। वहां उन्होंने कलाकारों से संगीत और डांस फार्म्स की शिक्षा भी ली।