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International Women's Day 2020: भारतीय महिलाएं जिन्होंने फैशन और मनोरंजन की दुनिया में मचाया धमाल

Sun, 08 Mar 2020 03:45 AM IST
प्राची प्रियम लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2020 - फोटो : अमर उजाला
भला आधी आबादी की हिस्सेदारी के बिना देश की तरक्की पूरी कैसे हो सकती है। चाहे खेल जगत हो या विज्ञान, राजनीति हो या फिर कला, महिलाओं ने हमेशा ही स्वच्छंद आसमान में ऊंची उड़ान भरी है और अपनी उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त लिख कर इतिहास रचा है। आज हम आपको बता रहे हैं फैशन और मनोरंजन क्षेत्र में कदम रखकर धमाल मचाने वाली उन महिलाओं के बारे में जिनके हिस्से के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
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sushmita sen - फोटो : social media
सुष्मिता सेन
बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन महज 18 साल की उम्र में मिस यूनिवर्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। मिस यूनिवर्स की इस प्रतियोगिता में उन्होंने बेशुमार खूबसूरती की मालकिन ऐश्वर्या राय बच्चन को हराया था। इस प्रतियोगिता के दौरान सुष्मिता ने अपनी मां के हाथ से बनाया हुआ गाउन पहना था। बाद में लोगों को यह जानकर भी आश्चर्य हुआ कि प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने जो ग्लव्स पहन रखा था उन्हें मोजे से बनाया गया था।
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devika rani
देविका रानी
देविका रानी भारत की पहली एक्ट्रेस थीं। आंध्र प्रदेश के वाल्टेयर में 30 मार्च 1908 को देविका रानी चौधरी का जन्म हुआ था। देविका रानी के पिता कर्नल एमएन राय बंगाल के समृद्ध परिवार से थे। देविका की मुलाकात फिल्म निर्देशक हिमांशु राय से हुई, जिसके बाद साल 1933 में फिल्म 'कर्म' में वो नजर आईं। इस फिल्म में हीरो हिमांशु राय ही थे। कुछ वर्षों बाद देविका ने हिमांशु राय से शादी कर ली।

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काजोल - फोटो : सोशल मीडिया
काजोल
काजोल बॉलीवुड की अकेली अभिनेत्री हैं जिन्हें फिल्मों में नकारात्मक भूमिका के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। काजोल बॉलीवुड की दूसरी अभिनेत्री हैं जिन्हें पांच फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड से नवाजा गया है। 
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रीता फारिया
रीता फारिया पॉवेल
रीता फारिया पॉवेल ने साल 1966 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। वो ये खिताब जीतने वाली पहली एशियन महिला थीं। रीता फारिया पॉवेल मॉडल, डॉक्टर व ब्यूटी क्वीन थीं।
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सई परांजपे
सई परांजपे
सई परांजपे का जन्म 19 मार्च, 1938 को मुंबई में हुआ था। सई परांजपे ने बचपन में आठ साल की उम्र में पहली किताब लिखी। सई परांजपे द्वारा निर्देशत उनकी चार फिल्मों की तारीफ आज भी बॉलीवुड में की जाती है। जिनमें स्पर्श, कथा, चश्मे बद्दूर व दिशा फिल्म शामिल हैं। सई पराजंपे की गिनती उन चुनिंदा फिल्म निर्देशकों में होती है, जिन्होंने आर्ट सिनेमा की गरिमा को बनाए रखा। 
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fatima begum
फातिमा बेगम
भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक फातिमा ने जब फिल्म बनाई थी तब समाज में महिलाओं को लेकर कई रुढ़िवादी विचार थे, लेकिन इसकी परवाह किए बिना फातिमा बेगम ने साल 1926 में अपनी पहली फिल्म 'बुलबुले परिस्तान' का निर्देशन किया। यह उस वक्त की एक बड़े बजट की फिल्म थी, जिसमें काफी अलग तकनीकों का भी प्रयोग किया गया था। फातिमा बेगम अपने दौर की सुपरस्टार महिला कलाकार रहीं। फातिमा बेगम का जन्म साल 1892 में हुआ था। वह एक भारतीय अभिनेत्री, निर्देशक और पटकथा लेखक थीं। उन्होंने अपने खुद का प्रोडक्शन हाउस 'फातिमा फिल्म्स' की शुरूआत की। 

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ks chitra
के.एस चित्रा
कृष्णन नायर शांतिकुमारी चित्रा एक प्लेबैक सिंगर हैं। वो भारतीय शास्त्रीय संगीत, भक्ति और लोकप्रिय संगीत भी गाती हैं। के.एस चित्रा को 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। जो कि महिला गायकिाओं में सबसे अधिक है। इसके अलावा उन्हें पांच फिल्मफेयर पुरस्कार, दक्षिण  और 31 अलग-अलग राज्यों में फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। उन्हें दक्षिण भारत की छोटी बुलबुल कहा जाता है। के.एस चित्रा का जन्म 27 जुलाई 1963 को हुआ था। 

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मृणालिनी साराभाई
मृणालिनी साराभाई 
शास्त्रीय नृत्यांगना और कोरियोग्राफर मृणालिनी साराभाई पहली ऐसी भारतीय महिला थीं, जिन्हें डिप्लोमा ऑफ फ्रांस आर्काइव्ज मेडल से सम्मानित किया गया था। मृणालिनी साराभाई को अम्मा के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म केरल में हुआ था। 21 जनवरी 2016 को उनका अहमदाबाद में निधन हो गया। उन्होंने अपने बचपन का ज्यादातर वक्त स्विट्जरलैंड में बिताया था।
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Bhanu Athaiya - फोटो : social media
भानु अथैया
11 अप्रैल 1983 में भारत को पहला ऑस्कर अवॉर्ड दिलाने वाली भानु अथैया थीं। भारत को पहला ऑस्कर अवॉर्ड दिलाने वाली कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया ने फिल्म गांधी के लिए बेस्ट कॉस्टयूम डिजाइन का अवॉर्ड जीता था। उन्होंने अपने ब्रिटिश काउंटरपार्ट जॉन मोलो के साथ अपनी जीत को साझा किया। भानु अथैया का जन्म 28 अप्रैल 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। 
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