फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

International Womens Day 2020: भारत की पांच महिलाएं, जिन्होंने बदली भारतीय राजनीति की तस्वीर

Sun, 08 Mar 2020 12:50 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
- फोटो : Social Media
आज की महिलाएं घर से लेकर बाहर तक की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। फिर वो चाहे प्लेन उड़ाना हो या सेना में शामिल होकर दुश्मनों के खिलाफ मोर्चा खोलना,इन सबमें महिलाएं पुरुषों के साथ कदमताल मिला रहीं हैं या दो कदम आगे बढ़कर ही काम कर रहीं हैं। लेकिन इन सब महिलाओं के बीच हम भारत की उन महान राजनीतिज्ञों को नहीं भूल सकते जिन्होंने हिंदुस्तान के निर्माण में अहम योगदान दिया। जानें भारत की ऐसी पांच महान नेत्रियों के बारें में, जिनकी नेतृत्व क्षमता ने सबको नतमस्तक किया।
विज्ञापन

2 of 6
सरोजिनी नायडू
सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता सेनानी, कवयित्री और देश की पहली महिला गवर्नर थीं। सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 में हुआ था। सरोजिनी नायडू ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका निधन दो मार्च 1949 को हुआ था।
विज्ञापन

3 of 6
इंदिरा गांधी
इंदिरा गांधी आजाद भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। वो पहली भारतीय महिला थीं, जिन्हें साल 1971 में भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया।

4 of 6
annie besant
एनी बेसेंट
एनी बेसेंट 1917 में कोलकाता में कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गईं। वह मूल रूप से आयरलैंड की रहने वाली थीं और उन विदेशियों में शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उनकी रुचि थियोसॉफी में जागी और वे 1875 में स्थापित की गई थियोसॉफिकल सोसाइटी की लीडर बन गईं।
विज्ञापन

5 of 6
sucheta kriplani
सुचेता कृपलानी
देश के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनने का गौरव पाने वाली पहली महिला सुचेता कृपलानी ( सुचेता मजूमदार ) थीं। सुचेता कृपलानी एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। 2 अक्तूबर 1963 को सुचेता कृपलानी ने उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
vijaylaxmi pandit
विजयलक्ष्मी पंडित
पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की छोटी बहन थीं विजयलक्ष्मी पंडित। आजादी के बाद 1947 से 1949 तक रूस में राजदूत रहीं। फिर 1953 में यूएन जनरल असेंबली की प्रेसिडेंट रहीं। विजयलक्ष्मी पंडित पहली महिला थीं जो यूएन जनरल असेंबली की प्रेसिडेंट रहीं। 1946 में संविधान सभा में चुनी गईं। औरतों की बराबरी से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी और बातें मनवाईं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें