कलावती
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कलावती ने जेके मंदिर के समीप स्थित राजापुरवा बस्ती से शौचालय निर्माण अभियान की शुरुआत किया। इसके साथ ही राखी मंडी, जूही, समेत कई जगह सामुदायिक और एकल शौचालय बनवाकर लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाई। शहरी बस्तियों के बाद उन्होंने गांवों में भी इस मुहिम को चलाया।
पति की मौत के बाद वह वर्ष 2015 से अपनी बेटी और दामाद के साथ शिवराजपुर स्थित कुंवरपुर गांव में रह रही हैं। श्रमिक भारती के अमिताभ ने बताया कि कलावती में अपने काम के प्रति लगन थी, जिसकी वजह से वह इस मुकाम पर पहुंची।