फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cancer Survivor: 'कैंसर के परे बेहद खूबसूरत जिंदगी भी है', जानिए 'मिस पर्सनालिटी' मोनिक आहूजा की प्रेरक दास्तां

Mon, 11 Jul 2022 12:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 2
मिस इंडिया कैंसर वॉरियर 2022 - फोटो : amarujala
कैंसर वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक और जानलेवा बीमारियों में से एक है। यह एक गंभीर शारीरिक स्वास्थ्य समस्या होने के साथ मानसिक रूप से भी रोगी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा कर देती है। हालांकि नोएडा की मोनिक आहूजा जैसी कैंसर योद्धा, इस गंभीर रोग के शिकार अन्य लोगों के लिए जीवन की उम्मीद बनकर सामने आती हैं।

नोएडा के सेक्टर 93 में रहने वाली मोनिका कैंसर पीड़ित हैं और हाल ही में उन्होंने मिस इंडिया कैंसर वारियर  पेजेंट  में फर्स्ट रनर अप और  मिस पर्सनालिटी का ताज जीता है। यह खिताब सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, लाखों कैंसर शिकार लोगों के लिए एक आशा की किरण है, जो ऐसी विषम परिस्थितियों में भी जीवन में बड़ा करने का हौसला देती है।

 मोनिका कहती हैं-
 
अगर आपमें कुछ कर जाने का जज्बा है, कुछ पाने की ललक है तो तमाम बाधाएं भी आपको मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकती हैं। बस इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि कोई भी लड़ाई आसान नहीं है और कोई संघर्ष इतना भी मुश्किल भी नहीं है, जो आपको आगे बढ़ने से रोक दे। 

मोनिका का जीवन, उनकी तरह कैंसर के शिकार लोगों के लिए प्रेरणा है। सिर्फ कैंसर ही नहीं मोनिका उन लोगों को भी नई रोशनी दिखा रही हैं जो थोड़ी सी मुश्किल आते ही हिम्मत हार जाते हैं। 

ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं मोनिका

मोनिका एमबीए ग्रेजुएट हैं और करीब एक दशक तक कॉरपोरेट्स में नौकरी के बाद उन्होंने बच्चों को डांसिंग सिखाना शुरू किया। इसके साथ ही वह ब्लड कैंसर के रोगियों की मदद करने वाले एनजीओ का हिस्सा भी हैं। मोनिका खुद, ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं। रक्त जो आपके पूरे शरीर में दौड़ता है, आपको ऊर्जा देता है, अंगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वही रक्त शरीर के लिए कितनी बड़ी चुनौती पैदा कर सकता है, मोनिका इसकी उदाहरण हैं। साल 2018 में बिना किसी लक्षण के उनमें ब्लड कैंसर का निदान हुआ। 

हंसती खेलती जिंदगी में अचानक इस तरह का बवंडर आ जाना किसी को भी भावनात्मक रूप से बिखेर सकता है, मोनिका को भी एक पल ऐसा ही एहसास हुआ। फिर 13 साल की मासूम बच्ची के चेहरे ने थोड़ी ताकत दी, पति के साथ और प्यार ने इस विकराल समस्या से बाहर निकलने और इसके इलाज के लिए प्रेरित किया। परिवार और दोस्तों का साथ मिला और वह कैंसर के इलाज के लिए पहुंचीं।

कैंसर का इलाज आसान नहीं होता, आपको शारीरिक और मानसिक रूप से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
कैंसर पीड़ितों की प्रेरणा बनीं मोनिका आहूजा - फोटो : amarujala
आखिर मेरे साथ ही क्यूं?

मोनिका कहती हैं, कई बार मेरे दिमाग में यह प्रश्न आता कि आखिर मैंने ऐसे क्या किया जो यह सब झेलना पड़ रहा है? हालांकि इसी के समानांतर दिमाग के एक कोने में यह भी चलता था कि जीवन में कुछ भी तो आसान नहीं है, फिर भी हम जिए जा रहे हैं। कैंसर भी एक बीमारी है, इसे भी हराया जा सकता है। मोनिका कहती हैं,  कैंसर को हराने के साथ मैं इस समस्या के शिकार अन्य लोगों में भी इसी भाव का संचार करना चाह रही थी, मिस पर्सनालिटी का ताज उसी कड़ी का हिस्सा है। 

2018 में कैंसर का शिकर रहीं मोनिक अब स्वस्थ हैं और इस समस्या से जूझ रहे दूसरे लोगों की हिम्मत बनी हैं।

भारत में इस अनोखे और पहले पेजेंट का आयोजन फैशन डिजाइनर और शाइनिंग रेज ऑफ होप फाउंडेशन की संस्थापक अभिलाषा पटनायक ने किया था। इस आयोजन का विषय था "नथिंग इज क्रॉनिक"। मिस इंडिया कैंसर वारियर पजेंट 2022 में मोनिका का फर्स्ट रनर अप रहना और  मिस पर्सनालिटी का ताज जीतना, कैंसर के कारण जिंदगी से हताश लोगों को कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है।

मोनिका कहती हैं, ''लोग सोचते हैं कि कैंसर के बाद सिर्फ मौत है, लेकिन मेरा मानना है कि कैंसर से परे एक बेहद खूबसूरत जिंदगी भी है और हमें इसे पूरी तरह से जीना चाहिए।''
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें