सांकेतिक तस्वीर
"युद्ध अपराध है यह हमला"
मंगलवार को मैटरनिटी हॉस्पिटल पर हुए हमले की जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस हमले को "युद्ध अपराध" करार दिया है। काबुल सरकार ने सेना को इस हमले के गुनाहगारों को ढूंढ निकालने के आदेश दिए हैं। पिछले चार दशकों से चले आ रहे युद्ध और संघर्ष के चलते काबुल ने काफी हिंसा देखी है। इसके बावजूद इस हफ्ते मैटरनिटी हॉस्पिटल पर हमला कर महिलाओं और नवजात बच्चों की हत्या की यह घटना हाल के इतिहास के सबसे बुरे हमलों में गिनी जाएगी। फिरूजा कहती हैं कि ऐसा लगता है कि उनके शहर में हिंसा का यह दौर कभी खत्म नहीं होगा। वह कहती हैं कि वह इससे बेहद परेशान हैं। वह बताती हैं, "जब इन बच्चों को अपनी मांओं की गोद में होना चाहिए था, तब वे अस्पताल में हैं और
अजनबी उन्हें दूध पिला रहे हैं।" एक प्रशिक्षित मनोचिकित्सक के तौर पर फिरूजा समाज के लिए एक सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं। वह युद्ध और संघर्ष के जख्म झेलने वाले तमाम अफगान परिवारों के गहरे जख्मों और दर्द को कम करना चाहती हैं।