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Arun Yogiraj: एमबीए पास अरुण योगीराज कैसे बनें मूर्तिकार, जानिए राम मंदिर के लिए मूर्ति तराशने वाले की कहानी

Mon, 22 Jan 2024 12:02 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Arun yogiraj - फोटो : Social Media
Arun Yogiraj : अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में मूर्ति के चयन की प्रक्रिया जारी है। मूर्ति तराशने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से तीन मूर्तिकारों का चयन किया गया था। तीनों मूर्तिकार अलग-अलग प्रतिमाएं बना रहे थे जिसमें से अरुण योगीराज की मूर्ति को राम मंदिर में स्थापित करने की चर्चा हो रही है। उन्होंने श्याम रंग की मूर्ति को तराशा है। मूर्तिकार अरुण योगीराज के द्वारा निर्मित प्रतिमा की कई खासियत है, जिसके कारण उनकी मूर्ति का चयन हो सकता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि अरुण योगीराज कौन हैं? आइये जानते हैं कि राम मंदिर के लिए मूर्ति का निर्माण करने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज कौन हैं, कितना पढ़े- लिखे हैं, और मूर्ति तराशने के अलावा क्या करना पसंद करते हैं?
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Arun yogiraj - फोटो : instagram
कौन है अरुण योगीराज?

अरुण योगीराज मैसूर महल के प्रसिद्ध मूर्तिकारों के परिवार से हैं। वह अपने परिवार की पांचवी पीढ़ी के मूर्तिकार हैं। उनके पिता योगीराज शिल्पी भी एक बेहतरीन मूर्तिकार हैं और दादा बसवन्ना शिल्पी को मैसूर के राजा का संरक्षण हासिल था।

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Arun yogiraj - फोटो : instagram
कितना पढ़े लिखे हैं अरुण योगीराज?

अरुण योगीराज कर्नाटक के मैसूर के रहने वाले हैं। मूर्तिकार परिवार से ताल्लुक रखने के कारण अरुण योगीराज बचपन से ही मूर्तिकला के काम से जुड़े रहे। हालांकि उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई पूरी की और करियर की शुरुआत एक प्राइवेट कंपनी में काम करके की। बाद में वह अपने अंदर के मूर्तिकार को रोक न सके और नौकरी छोड़कर 2008 में मूर्तिकला के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। 

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Arun yogiraj - फोटो : instagram
अरुण योगीराज का बतौर मूर्तिकार करियर

अरुण योगीराज ने इसके पहले दिल्ली के इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति स्थल के पीछे स्थापित सुभाष चंद्र बोस की 30 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई थी। इस मूर्ति को भव्य छतरी के नीचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थापित किया था। इसके अलावा केदारनाथ धाम में स्थापित आदि शंकराचार्य की 12 फीट ऊंची प्रतिमा भी अरुण योगीराज ने ही बनाई है। साथ ही मैसूर में 21 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा को भी उन्होंने ही तराशा था। वर्तमान में अरुण योगीराज देश के सबसे अधिक व्यस्त मूर्तिकारों में से एक माने जाते हैं। 
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Arun yogiraj - फोटो : Social Media
अरुण योगीराज की उपलब्धियां

मूर्तिकार अरुण योगीराज को कला क्षेत्र में उनके सराहनीय कार्य के लिए कई संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं। मैसूर के शाही परिवार ने बी उन्हें विशेष सम्मान दिया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संगठन के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान ने उनकी कार्यशाला का दौरा करके सराहना की थी।

मैसूर जिला प्रशासन ने नलवाड़ी पुरस्कार 2020, कर्नाटक शिल्प परिषद ने 2021 में मानद सदस्यता, भारत सरकार द्वारा साउथ जोन यंग टैलेंटेड आर्टिस्ट अवार्ड 2014, शिल्पा कौस्तुभा पुरस्कार, मैसूर जिले की खेल अकादमी से सम्मानित और कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है 
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