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RAS टॉपर रहीं... IIT से की पढ़ाई: दूसरी पोस्टिंग में ही जेल कैसे पहुंचीं SDM काजल मीणा, क्या है पूरा माजरा?

Fri, 17 Apr 2026 03:49 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाली

सार

SDM Kajal Meena Arrest: SDM Kajal Meena Arrest: करौली के नादौती में SDM काजल मीणा, उनके रीडर और यूडीसी को 60 हजार रिश्वत मामले में एसीबी ने गिरफ्तार किया। IIT मंडी से पढ़ीं और RAS अधिकारी रहीं काजल मीणा अब जांच के दायरे में हैं। जानें पूरी कहानी...।
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एसीडीएम काजल मीणा कौन हैं? - फोटो : अमर उजाला
करौली जिले के नादौती उपखंड में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में उनके रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ को भी हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद होने की जानकारी दी गई है। इस घटना के बाद जिले में प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई। इसी बीच काजल की पढ़ाई और अब तक का उनका करियर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
 
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एसीडीएम काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश सैनी और यूडीसी प्रवीण धाकड़ - फोटो : अमर उजाला
भूमि मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, सवाई माधोपुर एसीबी चौकी को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी भूमि की फाइनल डिक्री (तकसीम) जारी करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शुरुआत में एक लाख रुपये की मांग की गई, जिसे बाद में 50 हजार रुपये पर तय किया गया। सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि रीडर ने 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये अपने लिए मांगे।
 
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एसीबी ट्रैप में बरामद हुई भारी मात्रा में नकदी - फोटो : अमर उजाला
ऑफिस में ट्रैप कर पकड़े गए आरोपी
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। परिवादी को नादौती स्थित उपखंड कार्यालय बुलाया गया। जैसे ही 60 हजार रुपये की राशि आरोपियों को दी गई, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। जांच में यह भी सामने आया कि रीडर दिनेश सैनी ने राशि लेकर उसे वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को दे दी।
 
संदिग्ध नकदी की बरामदगी
एसीबी के अनुसार कार्रवाई के दौरान प्रवीण धाकड़ के बैग से 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई। एजेंसी इस राशि के स्रोत और उपयोग की जांच कर रही है। पूरे ऑपरेशन को एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता, एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में अंजाम दिया गया।
 

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एसीडीएम काजल मीणा - फोटो : अमर उजाला
दूसरी पोस्टिंग में ही विवादों में आईं अधिकारी
नादौती में काजल मीणा की यह बतौर उपखंड अधिकारी दूसरी पोस्टिंग बताई गई है। उन्होंने प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा से तबादले के बाद 30 अक्तूबर 2025 को नादौती में कार्यभार संभाला था। वे सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर उपखंड के बडौली गांव की निवासी हैं। गृह क्षेत्र के निकट पदस्थापना के कारण भी वे चर्चा में रहीं।
 
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एसीडीएम काजल मीणा - फोटो : अमर उजाला
कैसी है शैक्षणिक पृष्ठभूमि?
काजल मीणा का शैक्षणिक रिकॉर्ड उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। वे वर्ष 2024 बैच की RAS अधिकारी हैं। RAS बनने से पहले वे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में अधिकारी तथा दिल्ली में दूरसंचार विभाग में ASO पद पर कार्य कर चुकी थीं। वर्ष 2017 में उनका चयन JEN पद पर भी हुआ था और 2021 के बैच में एसटी (अनुसूचित जनजाति) में रैंक 1 और जनरल रैंक में 135वां स्थान रहा है।

पढ़ें- चर्चा में क्यों हैं SDM काजल मीणा?: नौकरी की शुरुआत में ही कर दिया घूसकांड, भारी नकदी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
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एसीडीएम काजल मीणा घूसकांड क्या है? - फोटो : अमर उजाला
एसीबी ने दर्ज किया मामला
एसीबी ने काजल मीणा, दिनेश सैनी और प्रवीण धाकड़ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एजेंसी तीनों से पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
 
सोशल मीडिया पर आ रहीं प्रतिक्रियाएं
मामले के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिनमें अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों की ओर से भी इन पर कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है।
 
एक सोशल मीडिया यूजर सरिता बिश्नोई @SARITA_BISHNOI2 ने X प्लेटफॉर्म पर लिखा कि रिश्वत की शुरुआत बड़े लेवल पर शुरू हो चुकी है। क्या SDM का सैलरी से घर नहीं चलता... चलता तो रिश्वत क्यों ली? यदि SDM रिश्वत लेकर घर चला रहा है तो 4th Grade अपनी सैलरी से घर कैसे चलाएगा?

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