राजस्थान की बीजेपी सरकार ने 28 दिसंबर 2024 को कैबिनेट की बैठक में एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में मार्च 2023 में बनाए गए तीन संभाग और नौ जिलों को एक झटके में निरस्त कर दिया। सरकार का तर्क है कि विकास के समूचे दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। लेकिन इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है।
बता दें कि नौ जिले अनूपगढ़, दूदू, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर ग्रामीण, केकड़ी, नीम का थाना, सांचौर और शाहपुरा को निरस्त करने के फैसले ने सरकार के खिलाफ विरोध के स्वर को और तीव्र कर दिया है। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार में बनाए गए बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, फलौदी और सलूंबर जिले के अस्तित्व को वर्तमान सरकार ने बनाए रखा है।
वहीं, सरकार का यह बड़ा फैसला सबसे बड़ी चुनौती भी बन सकता है। राजस्थान में विपक्ष बहुत आक्रामक है। संभाग और जिलों को खत्म करने का कई जगह भारी विरोध हो रहा है। ये परीक्षा की तरह है, राज्य सरकार के पास यू-टर्न लेने का मौका नहीं है।