पुलिस ने जंगल से बरामद किए शव के टुकड़े।
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शव के बड़े टुकड़ों को एक सूटकेस में बंद किया और कुछ छोटे टुकड़ों को एक बाल्टी में रखकर पॉलीथिन से बंद कर दिया। हत्यारा अनुज शव ठिकाने लगाने के लिए निकलने वाला ही था, तभी घर पर मेहमान आ गए। अनुज ने उन्हें बताया कि ताई बाहर गईं हैं। कुछ देर रुकने के बाद वे चले गए। शाम करीब 4:30 बजे आरोपी बैग और बाल्टी लेकर नीचे आया और शव ठिकाने लगाने के लिए कार से निकल गया।
विद्याधर नगर के सेक्टर-2 स्थित लालपुरिया अपार्टमेंट से बाहर निकलने के बाद वह गूगल मैप की मदद से दिल्ली-सीकर हाईवे पर पहुंचा। जंगल को देखकर हत्यारे अनुज ने यहीं शव को ठिकाने लगाने की सोची। कार से उतरकर वह सूटकेस और बाल्टी को जंगल में करबी 200 मीटर अंदर ले गया। जहां वन विभाग की चौकी के पीछे उसने शव के टुकड़े अलग-अलग जगह फेंके। बाद में बाल्टी की मदद से उनपर मिट्टी डालकर दबा दिया।
वापस आने के बाद उसने सूटकेस और बाल्टी को धुलकर घर में रख दिया। रसोई, बाथरूम सहित अन्य जगहों पर लगे खून को साफ किया। जिसके बाद ताई के लापता होने की झूठी कहानी पड़ोसियों को सुना दी। शातिर हत्यारे अनुज ने उन्हें बताया कि ताई दोपहर करीब 2-3 बजे ताई मंदिर गई थीं। अब तक वापस नहीं लौटीं हैं। इसके बाद उन्हें तलाश करने का नाटक करता रहा, और फिर रात को थाने में गुमशुदगी दर्ज करवा दी थी।