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दौसा में ‘दृश्यम’ कांड: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे बनते समय चाचा ने गाड़ा था टिल्लू का शव, अब खोदने की तैयारी

Sat, 28 Feb 2026 06:18 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

Dausa Drishyam Case Update: बांदीकुई के ऊनबड़ा गांव से 2020 में लापता टिल्लू उर्फ प्रिंस बैरवा की तलाश में पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के नीचे जीपीआर मशीन से स्कैनिंग की। दो संदिग्ध स्थान चिन्हित हुए हैं। खुदाई की अनुमति मांगी गई है, आरोपी रिमांड पर हैं।
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दौसा में दृश्यम कांड - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के दौसा से दृश्यम फिल्म जैसा कांड सामने आया है, जिसने चारों ओर सनसनी फैला दी है। जैसे फिल्म में आरोपी परिवार खुद को बचाने के लिए हत्या के बाद शव को जमीन में दफना देता है और बाद में उस जगह पुलिस थाना बन गया था। वैसे ही दौसा के मामले में आरोपी चाचा ने छह साल पहले मासूम टिल्लू को मारकर उस समय बन रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के नीचे गाड़ दिया था। अब मामले के खुलासे के बाद एक्सप्रेस-वे के एक हिस्से को खोदा जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन 6 साल पहले लापता हुए चार वर्षीय टिल्लू उर्फ प्रिंस बैरवा के अवशेषों की तलाश में जुटे हैं।
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मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की निशानदेही पर दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र के उनबड़ा गांव के पास सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया है कि जब शव को दफनाया गया था, उस समय यहां एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा था और अब उस स्थान पर करीब 12 फीट ऊंचा एक्सप्रेस-वे बन चुका है।
 
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स्वीडन से मशीन मंगाकर खोजे गए टिल्लू के शव के अवशेष - फोटो : अमर उजाला
स्वीडन निर्मित जीपीआर मशीन से की गई स्कैनिंग
तलाश के लिए स्वीडन से मंगाई गई ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन से जमीन के भीतर स्कैनिंग की गई। यह मशीन विद्युत-चुंबकीय तरंगों के जरिए सतह से करीब 5 मीटर यानी लगभग 15 फीट नीचे तक दबे ऑब्जेक्ट की पहचान कर सकती है।
 

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर की जा रही खुदाई की तैयारी - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को हुई स्कैनिंग में करीब 10 फीट के एरिया में दो ऐसे पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां कंकाल जैसे अवशेष होने की आशंका जताई गई है। हालांकि इन ऑब्जेक्ट्स की स्पष्ट पहचान मशीन की रिपोर्ट और डेटा एनालिसिस के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट को इमेज में विकसित करने के लिए जयपुर भेजा जाएगा।
 
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर की जा रही खुदाई की तैयारी - फोटो : अमर उजाला
खुदाई के लिए अनुमति प्रक्रिया शुरू
मशीन से मिले शुरुआती संकेतों के आधार पर पुलिस अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) को पत्र लिखकर एक्सप्रेस-वे की खुदाई की अनुमति मांगने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। यदि अनुमति मिलती है तो चिन्हित दो स्थानों पर करीब 15 फीट गहराई तक खुदाई कराई जा सकती है।

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खुदाई के दौरान जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले 19 फरवरी को आरोपियों की निशानदेही पर पहली बार खुदाई कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद 25 और 26 फरवरी को भी अलग-अलग समय पर खुदाई की गई, पर सफलता नहीं मिली। 27 फरवरी को जीपीआर मशीन मौके पर पहुंची और जांच की गई।
 
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर की जा रही खुदाई की तैयारी - फोटो : अमर उजाला
ड्रोन वीडियो और तकनीकी विश्लेषण सहारा
पुलिस ने एनएचएआई की मदद से वर्ष 2020 का एक ड्रोन वीडियो भी मंगवाया है, जब एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह वीडियो आरोपियों को दिखाया जाएगा, ताकि वे सटीक स्थान की पहचान कर सकें जहां शव दफनाने का दावा किया गया है। पुलिस के पास फिलहाल दो प्रमुख विकल्प हैं- ड्रोन वीडियो का विश्लेषण और जीपीआर मशीन की अंतिम रिपोर्ट।

पढ़ें- छह साल बाद कबूली लापता बच्चे की हत्या: घर से उठा ले गया था पड़ोसी, चाकू से गोदकर सड़क किनारे गाड़ा; पुलिस उलझी
 

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मृतक टिल्लू उर्फ प्रिंस बैरवा - फोटो : अमर उजाला
छह साल पुराना मामला और जांच की दिशा
मामला 16 अगस्त 2020 का है, जब ऊनबड़ा गांव के पास एक ढाणी से 4 वर्षीय प्रिंस बैरवा अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने अगले दिन बांदीकुई थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने मामले में तेजी लाने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। केस की दोबारा समीक्षा के दौरान एसपी सागर राणा को कुछ संदिग्ध पहलू नजर आए, जिसके बाद जांच महिला सेल के एएसपी योगेंद्र सिंह फौजदार को सौंपी गई।
 

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परिजन भी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
शक के आधार पर पड़ोस में रहने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में युवक ने रंजिश के चलते बच्चे की हत्या कर शव दफनाने की बात स्वीकार की। जांच में उसकी बहन की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और वे रिमांड पर हैं। थाना प्रभारी जहीर अब्बास के अनुसार, दोनों से गहन पूछताछ जारी है और पूरी जानकारी मिलने के बाद ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
 
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खुदाई के दौरान जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एसपी ने बताई आगे की रणनीति
एसपी सागर राणा ने कहा है कि जीपीआर से मिले इमेज ऐसे हैं जिनसे कंकाल की पहचान संभव हो सकती है। फिलहाल पुलिस का मुख्य उद्देश्य बच्चे के अवशेष बरामद कर साक्ष्यों को पुख्ता करना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्सप्रेस-वे पर खुदाई के लिए औपचारिक अनुमति मांगी गई है।

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