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वैज्ञानिक का कत्ल: मामा उठो... चलो मेरे साथ खेलने, भांजी ने जैसे ही कहे ये शब्द, आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा

Sun, 16 Mar 2025 09:10 AM IST
शाहरुख खान अरविंद वाजपेयी, अमर उजाला, मोहाली

सार

मोहाली में वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार की हत्या के आरोप में पुलिस ने  मनिंदरपाल सिंह उर्फ मोंटी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि मोंटी को थाना फेज-11 पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है।
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वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार की हत्या - फोटो : अमर उजाला
मामा उठो चलो मेरे साथ खेलने... श्मशान घाट में शैय्या पर डॉ. अभिषेक की छोटी बहन पृथा की बेटी अक्षदा ने जैसे ही यह शब्द कहे तो आंसुओं का सैलाब टूट पड़ा। होता भी क्यों न, अक्षदा पहली बार अपने मामा को देख रही थी, वह भी उनकी अंतिम विदाई के समय। आंसुओं का यह सैलाब अब रोजाना उमड़ता है। 

उस घर में जहां कुछ दिन पहले डॉ. अभिषेक स्वर्णकार देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण टेक्नॉलाजी सेमीकंडक्टर पर रिसर्च पेपर लिखा करते थे। चाहे अभिषेक की बड़ी बहन श्वेता कुमारी और छोटी बहन पृथा, पिता बासुकी नाथ स्वर्णकार, मां मालती देवी, सभी अपने घर में अपने लाडले को तलाशते रहते हैं।
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सीसीटीवी में कैद हुई घटना। - फोटो : संवाद
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) के वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार देश के लिए किफायती ढंग से सेमीकंडक्टर बनाने पर रिसर्च कर रहे थे। इस विषय पर उनका एक पेपर उसी दिन स्वीकार किया गया था, जिस दिन उनकी मौत हुई थी। 

उनकी मौत की खबर से न सिर्फ आयशर में उनका डिपार्टमेंट सन्न है बल्कि अब आयशर भी चाहता है कि वैज्ञानिकों की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया जाए। डॉ. अभिषेक के गाइड उज्ज्वल गौतम ने बताया कि डॉ. अभिषेक एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक थे।
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इसी बाइक को लेकर झगड़ा हुआ। - फोटो : अमर उजाला
पांच से छह रिसर्च पेपर्स में उनका योगदान था। उन्होंने कहा कि अभिषेक तो बेहद सीधे सादे और गंभीर व्यक्तित्व वाले थे। उनका ध्यान सिर्फ अपनी स्टडी पर ही रहता था। आयशर के डायरेक्टर डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. अभिषेक ने काफी ज्यादा रिसर्च वर्क पर अपना ध्यान केंद्रित किया हुआ था। उन्होंने कहा कि हमेशा अभिषेक का ध्यान स्टडी की ओर ही रहता था। आयशर के स्टूडेंट्स को उनकी कमी काफी खल रही है।

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वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार के पिता - फोटो : अमर उजाला
अब कर रहे थे पोस्ट पीएचडी
डॉ. अभिषेक ने पीएचडी तो पहले ही कर ली थी। वह पोस्ट पीएचडी करने में जुटे थे। उनका विषय सेमीकंडक्टर था। जिसका एक रिसर्च पेपर उसी दिन सबमिट हुआ, जिस दिन उनकी मौत हुई थी। वह वर्ष 2017 में लिंडाऊ नोबल लारेट मीटिंग में भी प्रतिभागी थे। इस मीटिंग की प्रतिभागी डायरेक्टरी में उनके बारे में लिखा गया है। 

 
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वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार की बहन - फोटो : अमर उजाला
यह थे अभिषेक के विषय
डॉ. अभिषेक के विषय में सिंथेसिस, नैनोफैब्रिकेशन, सोलर सेल्स, एलईडी, एक्सरे डिफ्रेक्शन, इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोपी, कैलोरीमेट्री, थर्मल एनालिसिस, क्वांटम डाट्स, थिन फिल्मस आदि शामिल रहे थे।

पन्ना खोलते ही रो पड़ीं बड़ी बहन
वैज्ञानिक अभिषेक के सेक्टर-66 स्थित घर में उनकी पीएचडी की थीसिस को जब खोला गया तो उसमें भीतर पढ़ने पर पता चला कि यह थीसिस उन्होंने अपनी बड़ी बहन को समर्पित की थी। शनिवार को जैसे ही यह पन्ना खोला गया तो उनकी बहन फूट फूटकर रोने लगीं।

 
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प्रतिभागी डायरेक्टरी जिसमें आईआईएसईआर का वैज्ञानिक अभिषेक ने भाग लिया था - फोटो : अमर उजाला
आयशर के वैज्ञानिक की हत्या का आरोपी मोंटी गिरफ्तार
पुलिस ने सूचना के आधार पर वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार की हत्या के आरोप में मनिंदरपाल सिंह उर्फ मोंटी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि मोंटी को थाना फेज-11 पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। मोंटी को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा। 

बल ने बताया कि मृतक अभिषेक के पिता सेक्टर-66 निवासी बासुकी नाथ स्वर्णकार ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया था कि उनके पड़ोस में रहने वाले मोंटी ने उनके घर के पास गाड़ी पार्क करने को लेकर उनके बेटे अभिषेक पर जानलेवा हमला किया।
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प्रतिभागी डायरेक्टरी जिसमें आईआईएसईआर का वैज्ञानिक अभिषेक ने भाग लिया था - फोटो : अमर उजाला
इसमें उनके बेटे की मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार यह विवाद पिछले एक सप्ताह से चल रहा था। मोंटी उसके बेटे को धमका रहा था। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार इस हमले में वह भी घायल हो गया। उनका बेटा अभिषेक ही उनका एकमात्र सहारा था और वह कई देशों में वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुका था। 

वर्तमान में मोहाली में आईआईएसईआर में कार्यरत था। मृतक के पिता ने पुलिस को घटना की सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने पाया कि मोंटी और अभिषेक के बीच मोटरसाइकिल पार्क करने को लेकर बहस हुई थी।

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वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आयशर के वैज्ञानिक को पार्किंग विवाद में पड़ोसी ने पीट-पीटकर मार डाला
मोहाली के सेक्टर-66 में बाइक खड़ी करने पर हुए विवाद में आयशर के वैज्ञानिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह वारदात पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। मृतक वैज्ञानिक अभिषेक (39 वर्ष) स्वर्णकार मूलरूप से झारखंड का रहने वाला था।

वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार अपने माता-पिता के साथ सेक्टर-66 के एक मकान में किराए पर रहते थे। मंगलवार शाम करीब साढ़े आठ बजे जब वह अपनी बाइक खड़ी कर रहे थे, तो पड़ोसी मोंटी के साथ पार्किंग को लेकर बहस हो गई। 
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वैज्ञानिक अभिषेक स्वर्णकार के घर शोक प्रकट करने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
माता-पिता ने पुलिस को बताया कि इसके बाद मोंटी ने अभिषेक को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पड़ोसियों ने बताया कि अभिषेक की किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी और डायलिसिस भी चल रही थी। यह बात पूरे मोहल्ले को पता थी। इसके बावजूद मोंटी ने अभिषेक को जमीन पर गिराकर पेट और छाती में मुक्के मारे। इस कारण अभिषेक बेसुध हो गया। आनन-फानन मोंटी ही अभिषेक को कार से निजी अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

यह भी पढ़ें: मोहाली में साइंटिस्ट का मर्डर: पार्किंग को लेकर पड़ोसी ने लात-घूसे मारे, बूढ़े मां-बाप का सहारा था अभिषेक


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