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पंजाब में लोहड़ी की धूम: गली-गली ढोल की थाप पर जश्न की तैयारी, मूंगफली-पंतगों से पटे बाजार; देखें तस्वीरें 

Tue, 13 Jan 2026 01:37 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब

सार

पुरातन समय में परिवार में बेटा पैदा होने या बेटे की शादी पर लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता था। समय बदलने के साथ अब बेटी पैदा होने पर भी यह त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को लेकर घरों में गिद्दा, भंगड़ा और ढोल की थाप पर बोलियां डाली जाती हैं। 
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पंजाब में लोहड़ी की धूम - फोटो : अमर उजाला
पंजाब भर में आज लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। बाजार मूंगफली, रेवड़ी और पतंगों से पटे पड़े हैं। गली-गली ढोल की थाप पर जश्न की तैयारी हो रही है। 
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पंजाब में लोहड़ी की धूम - फोटो : संवाद
पुरातन समय में परिवार में बेटा पैदा होने या बेटे की शादी पर यह त्योहार मनाया जाता था। समय बदलने के साथ अब बेटी पैदा होने पर भी यह त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार को लेकर घरों में गिद्दा, भंगड़ा और ढोल की थाप पर बोलियां डाली जाती हैं। 

मोगा की समाज सेविका रिंपी ग्रेवाल ओर सोनिका बेदी की ओर से शहर की महिलाओं के साथ लड़कियों की लोहड़ी का त्योहार मनाया गया। साथ ही महिलाओं ने गिद्दा और बोलियां डालकर खुशियां मनाईं।
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पंजाब में लोहड़ी की धूम - फोटो : संवाद
अमृतसर में लोहड़ी त्योहार को लेकर जहां मिठाई की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है, वहीं इस बार सफेद आसमान की आस लगाए पतंग कारोबारियों को भी अच्छी कमाई की उम्मीद है। 

शहर के पतंग कारोबारी रमेश कुमार ने कहा कि लोहड़ी को लेकर बाजारों में पतंग की दुकान पर खूब भीड़ देखने को मिल रही है अगर मंगलवार को धूप निकलने से आसमान साफ रहा तो पतंग कारोबारियों की खूब कमाई होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई के चलते पतंग बनाने वाले सामान के दाम में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन फिर भी पतंग बनाने के काम में पीढ़ियों से जुड़े कारोबारी इसमें अपने बच्चों को भी डाल रहे हैं।

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पंजाब में लोहड़ी की धूम - फोटो : संवाद
पतंग लेने मार्केट में पहुंचे समीर ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले हरेक पतंग में 10 से 15 रुपये बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जो पतंग पिछले साल 10 रुपये में मिलती थी उसका दाम इस बार 15 हो गया है लेकिन फिर पतंग के शौकीन हजारों रुपये की खरीदारी कर रहे हैं।
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अबोहर में नवजन्मी बच्चियों को दिए गए उपहार - फोटो : संवाद
लोहड़ी पर मुख्यमंत्री ने नव जन्मी बच्चियों को भेजे उपहार
लोहड़ी पर पंजाब सरकार की ओर से नव जन्मी बच्चियों और उनकी माताओं के लिए विशेष सौगात भेजी गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान की पहल पर अबोहर के सिविल अस्पताल स्थित जच्चा-बच्चा वार्ड में नव जन्मी बच्चियों की माताओं को उपहार वितरित किए गए। आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने सिविल अस्पताल पहुंचकर नव जन्मी बच्चियों की माताओं को ये उपहार सौंपे और बच्चियों के उज्ज्वल, सुरक्षित और खुशहाल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान का संदेश भी माताओं तक पहुंचाया, जिसमें बेटियों को समाज की मजबूती और भविष्य की आधारशिला बताया गया।
 
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लोहड़ी पर लाहौर में दुल्ला भट्टी की मजार पर दी श्रद्धांजलि - फोटो : संवाद
लोहड़ी पर लाहौर में दुल्ला भट्टी की मजार पर दी श्रद्धांजलि
लोहड़ी पर भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक मियां साहिब कब्रिस्तान, लाहौर में महान क्रांतिकारी और लोकनायक दुल्ला भट्टी की मजार पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज रशीद कुरैशी ने किया। इस दौरान सीनियर वाइस चेयरमैन मलिकत और इहतिशाम-उल-हसन भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने दुल्ला भट्टी के उच्च दर्जे के लिए दुआ की और उनके साहस, मानवता तथा अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष को नमन किया।

इम्तियाज रशीद कुरैशी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि दुल्ला भट्टी केवल इतिहास का पात्र नहीं, बल्कि प्रतिरोध, सम्मान और शोषितों की रक्षा का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय मुगल सत्ता अहंकार और क्रूरता में डूबी हुई थी, उस दौर में दुल्ला भट्टी ने अन्याय के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। जब चुप रहना ही जीवन रक्षा माना जाता था, तब दुल्ला भट्टी अन्याय के विरुद्ध दीवार बनकर खड़े रहे। 



कुरैशी ने कहा कि दुल्ला भट्टी आज भी लोगों की सामूहिक चेतना में जीवित हैं, इसी कारण लोहड़ी पर्व उनकी स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि दुल्ला भट्टी का तथाकथित अपराध यह था कि उन्होंने एक असहाय हिंदू युवती को मुगल शासक के चंगुल से बचाया और बाद में उसका विवाह कराकर मानवीय गरिमा और अंतरधार्मिक सद्भाव का उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी मानवतावादी कार्य के कारण उन्हें दिल्ली के दरवाजों के बाहर सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई।

चेयरमैन ने चिंता जताई कि आज दुल्ला भट्टी की मजार खुद उपेक्षा और अन्याय का शिकार है। आरोप है कि कब्रिस्तान प्रशासन की मिलीभगत से मजार के आसपास अवैध कब्रें बनाई गई हैं और नशा तस्करों ने इस ऐतिहासिक स्थल को अपना अड्डा बना लिया है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों की चुप्पी को शर्मनाक बताया।

इम्तियाज रशीद कुरैशी ने पाकिस्तान सरकार से मांग की कि दुल्ला भट्टी का भव्य मकबरा बनाया जाए, अवैध कब्जे हटाए जाएं, नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए और राष्ट्रीय नायक का दर्जा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो फाउंडेशन राष्ट्रीय स्तर पर शांतिपूर्ण जन आंदोलन शुरू करेगा।
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