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मौत को दी मात: जिंदगी की जंग जीत गया बोरवेल में गिरा वंशु, नौ घंटे बाद बाहर निकाला; 30 फीट नीचे फंसा था मासूम

Sat, 16 May 2026 08:02 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, होशियारपुर

सार

होशियारपुर में बोरवेल में गिरे बच्चे को करीब नौ घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया है। बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालते ही मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। वह ठीक है। डिप्टी कमिश्नर ने बच्चे को बचाने के लिए किए अथक प्रयासों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस, सिविल अधिकारियों और स्थानीय निवासियों का धन्यवाद किया। 
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वंशु ने जीत ली जंग - फोटो : अमर उजाला
होशियारपुर के निकटवर्ती गांव चक्क समाना में शुक्रवार शाम करीब चार बजे बोरवेल में गिरे चार वर्षीय बच्चे को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के सहयोग से करीब नौ घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बोरवेल में गिरे बच्चे गुरकरण सिंह पुत्र हरिंदर और आशा, जो कि मजदूरी करते हैं को रात करीब 12:40 बजे बोरवेल से बाहर निकाला गया और तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने ऑपरेशन का शुरुआत से नेतृत्व किया और पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए टीमों की दृढ़ता की भरपूर सराहना की।
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बोरवेल में गिरे बच्चे को सुरक्षित निकाला गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बचाव कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि बच्चे को बचाने के बाद एंबुलेंस में डॉक्टरी टीम के साथ आगे की जांच के लिए अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि शाम करीब 4 बजे यह घटना हुई और सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।

 
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अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरकरण अपने घर के बगल में खुले बोरवेल में गिर गया था, जो कल खोदा जा रहा था। बोरवेल के बिल्कुल बगल में 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा खोदने के बाद बचाव टीमों ने बोर के साथ एक तंग रास्ता बनाकर शाफ्ट तक पहुंच कर काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। बच्चा बोरवेल में गिरने के बाद करीब 30 फीट की गहराई पर फंस गया था। 

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अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बचाव कार्य तेज करने के लिए जरूरी मशीनरी मौके पर लाई गई। जिला प्रशासन ने शाफ्ट में कैमरा और ऑक्सीजन पाइप भी नीचे उतारा, जिससे बच्चे की हरकतों को फुटेज के जरिए देखा जा रहा था।

 
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बोरवेल में गिरे बच्चे को निकालने के लिए खोदा गया गड्ढा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम (40 से अधिक सदस्य) ने अपनी विशेषज्ञता से इस कठिन समय में ऑपरेशन को सुरक्षित ढंग से सफल बनाया।

 
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बोरवेल में गिरे बच्चे को निकालने के लिए गड्ढा खोदती जेसीबी - फोटो : एएनआई
इस दौरान पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और होशियारपुर से लोकसभा सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, जो पूरे बचाव अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे, ने गुरकरण को बचाने के लिए सभी टीमों द्वारा किए गए अथक प्रयासों की सराहना की।

 
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बोरवेल में गिरे बच्चे को निकालने के लिए गड्ढा खोदती जेसीबी - फोटो : एएनआई
गांव वासियों की मदद से बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ, अन्य टीमों और स्थानीय गांव वासियों की मदद से बच्चे को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए पुख्ता प्रबंध किए, जिनकी वजह से गुरकरण की जान बच सकी। सांसद डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि यह बहुत नाजुक ऑपरेशन था और टीमों के लगातार प्रयासों से करीब सात घंटे की जद्दोजहद के बाद इसे सफल बनाया गया।

 

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अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने भी बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव टीमों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि टीमों का जज्बा बेहद सराहनीय था, जिसकी वजह से गुरकरण की जान बच गई। वर्णनीय है कि बचाव कार्य के दौरान सामाजिक, धार्मिक और विभिन्न संगठनों ने भी टीमों की हौसलाअफजाई के साथ-साथ अलग-अलग तरीकों से मदद की।

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केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू - फोटो : अमर उजाला
बिट्टू ने की एनडीआरएफ टीम से सीख लेने की अपील
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि होशियारपुर में एक 3 साल का बच्चा गलती से एक बोरवेल में गिर गया था, जिसे नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के बहादुर जवानों ने सुरक्षित बचा लिया।

ये हीरो अलग-अलग राज्यों से आते हैं, अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, और अलग-अलग समुदायों से ताल्लुक रखते हैं लेकिन जब एक बच्चे की जान बचाने की बात आई, तो वे भारतीय बनकर एकजुट हो गए। उन्होंने जाति, धर्म या क्षेत्र के बारे में नहीं पूछा। उनका एकमात्र मकसद एक कीमती जान बचाना था। यही भारत की सच्ची भावना है विविध फूलों का एक खूबसूरत गुलदस्ता, जो इंसानियत और राष्ट्रीय एकता के धागे से एक साथ बंधा हुआ है।

उन लोगों के लिए एक विनम्र संदेश, जो दूसरे राज्यों के लोगों के साथ नफरत से पेश आते हैं। ये वे एजेंसियां हैं जो अपनी-अपनी तय भूमिकाओं में काम कर रही हैं, जैसे सीबीआई, ईडी और एनडीआरएफ। जब भी हमारा मन दूसरे राज्यों के लोगों पर इल्ज़ाम लगाने का करे, तो हमें याद रखना चाहिए कि आज, उन्हीं भारतीयों ने मिलकर हमारे अपने एक पंजाबी बच्चे की जान बचाई। आइए, हम एनडीआरएफ से सीख लें। इंसानियत और 'राष्ट्र प्रथम' हमेशा सभी तरह के बँटवारों से ऊपर होने चाहिए।

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