हरियाणा-पंजाब के युवा लालच, चमक-धमक और रुतबे के झांसे में अपराध की दुनिया में फंस रहे हैं। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले दो शूटर सोनीपत और मॉनिटर करने वाले पानीपत का अनिल पंडित है। बेरोजगार युवाओं को लग्जरी और फिल्मी लाइफस्टाइल के सपने दिखाकर गैंग में भर्ती किया जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हरियाणा-पंजाब के युवाओं से संपर्क का फायदा उठाकर लॉरेंस ने सिंडिकेट बनाया है।
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Lawrence Bishnoi Syndicate
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अपने सिंडिकेट को बढ़ाने के लिए हरियाणा और पंजाब में युवाओं के साथ नाबालिगों को भी अपराध की दुनिया में धकेलने में लगा है। यहां घुसने के बाद वापसी का रास्ता बंद और एनकाउंटर या जेल में जिंदगी का विकल्प बचता है।
इसके लिए लॉरेंस के गुर्गे सोशल मीडिया के जरिये बेरोजगार, जरूरतमंद, लोभ-लालच, झूठी चमक-धमक और रुतबे के आकर्षण में फंसाकर हरियाणा-पंजाब के युवाओं व नाबालिगों से हत्या व रंगदारी मांगने जैसे अपराध करवा रहे हैं। लॉरेंस ट्रेंड व भरोसेमंद युवाओं को तंजानिया, कनाडा, अमेरिका जैसे देशों में बैठाकर गैंग मॉनिटर करवाने का काम कराता है।
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : एक्स
मुंबई में पहले अभिनेता सलमान खान पर जानलेवा हमले की कोशिश और अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले में हरियाणा के युवाओं को गिरफ्तारी हुई है। सलमान खान के मामले में मुख्य शूटर पानीपत के सुखबीर कालूया (सुक्खा), भिवानी के दीपक उर्फ जॉन, फतेहाबाद के हरपाल सिंह और गुरुग्राम के कालू उर्फ विशाल की गिरफ्तारी हुई थी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
टाइगर श्राफ पर हमले के मामले में सोनीपत का रेहान सहित दो की गिरफ्तारी हुई है। विदेश में बैठकर हमले की जिम्मेदारी लेने वाला अनिल पंडित पानीपत का रहने वाला है।
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गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई।
- फोटो : फाइल
लॉरेंस के इशारे पर हुई पंजाब के प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में सोनीपत के प्रियव्रत फौजी, मोनू डागर व अंकित सेरसा, झज्जर के कशिश उर्फ कुलदीप, सिरसा के संदीप सिंह उर्फ केकड़ा व प्रबदीप सिद्धू उर्फ पब्बी, फतेहाबाद के पवन बिश्नोई व नसीब और जींद के जोगेंद्र सिंह उर्फ जोगा के नाम आए। इनमें से कुछ पर सीधे हत्या में शामिल होने जबकि अन्य पर रेकी, शूटरों को ठहराने या गाड़ी व हथियार देने के आरोप हैं।
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लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : पीटीआई
एनआईए का दावा 700 शूटर, 70 फीसदी हरियाणा-पंजाब निवासी
2025 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लॉरेंस बिश्नोई सहित अन्य गैंगस्टरों के गैंग, नशा तस्करी और आतंकी गठजोड़ की जांच शुरू की थी। जांच के बाद एनआईए ने दावा किया गया था कि लॉरेंस ने अपने गैंग में तकरीबन 700 शूटर शामिल कर लिए हैं। इनमें 70 फीसदी हरियाणा और पंजाब के युवा और नाबालिग शामिल हैं।
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Anil Pandit
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इनमें सिर्फ गोली चलाने वाले नहीं बल्कि वारदात की रेकी करने, सामान बेचने-खरीदने वाले, सामान वारदात स्थल तक पहुंचाने वाले, वारदात के लिए शूटर के रहने-खाने, वाहन, हथियार सहित अन्य व्यवस्थाओं का इंतजाम करने वाले शामिल हैं। एनआईए का दावा है कि लॉरेंस स्थानीय गैंग्स के अलावा विदेश में बैठे गैंगस्टर्स, अपने गुर्गों और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के साथ भी सांठगांठ करके गिरोह चलाता है। हालांकि, अभी इसकी जांच जारी है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
लग्जरी लाइफ के सपने, हाथ में हथियार थमाने का खेल
चंडीगढ़ पुलिस से सेवानिवृत्त डीएसपी जगबीर सिंह के मुताबिक उन्होंने लॉरेंस को डीएवी-10 और पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के समय अपराध की दुनिया में कदम रखते करीब से देखा है। डीएसपी रहते कई बार गिरफ्तारी और मुकदमे भी दर्ज किए।
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई
- फोटो : अमर उजाला
लॉरेंस के गैंग ने हरियाणा और पंजाब में युवाओं व नाबालिगों को लग्जरी लाइफस्टाइल, जल्दी पैसा कमाने और अपराध के दम पर रुतबा हासिल करने का सपना दिखाकर गैंग में भर्ती करने का जाल बिछा रखा है। कई युवा गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे और बदमाशों चमक-धमक से प्रभावित हो जाते हैं।
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एसटीएफ हरियाणा
- फोटो : सोशल मीडिया
121 युवाओं को गैंग से जुड़ने से पहले संभाला
हरियाणा एसटीएफ ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो साल में 121 ऐसे युवाओं की पहचान की जो प्रदेश के प्रमुख आपराधिक गिरोहों के संपर्क में थे। एसटीएफ प्रमुख आईपीएस सिमरदीप सिंह के अनुसार व्यापक निवारक और सुधारात्मक अभियान के तहत इन युवाओं को समझाकर अपराध की दुनिया से दूर रखने की पहल की गई। हरियाणा पुलिस की साइबर इकाइयां और जिला पुलिस भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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Punjab Police
- फोटो : संवाद
छोटे गैंगों को जोड़कर बढ़ाया नेटवर्क
पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त डीएसपी सागर के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई ने हरियाणा और पंजाब के छोटे-बड़े आपराधिक गैंगों के पूर्व सहयोगियों को साथ जोड़कर अपना नेटवर्क मजबूत किया। स्थानीय गैंगस्टरों और उनके संपर्कों के जरिये उसे नए इलाकों में पैठ बनाने और आपराधिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाने में मदद मिली। इस नेटवर्क में काला जठेड़ी, काला राणा (वीरेंद्र प्रताप), गोल्डी बराड़ (सतविंदर सिंह), रोहित गोदारा, आरजू बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया जैसे अपराधी शामिल रहे।
कैंपस से गैंगस्टर नेटवर्क तक
चंडीगढ़ स्थित डीएवी-10 कॉलेज फिर पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई ने हरियाणा और पंजाब के युवाओं से संपर्क बढ़ाया था। छात्र राजनीति में सक्रिय रहते हुए उसने स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (सोपू) का गठन किया और धीरे-धीरे इस संपर्क दायरे को आपराधिक नेटवर्क में बदल दिया।