दिल्ली हिंसा का आरोपी लक्खा सिधाना बुधवा रात को सोशल मीडिया पर लाइव हुआ। लक्खा ने लाइव होकर पंजाब के लोगों से अपील की कि कृषि कानूनों के विरोध में दस अप्रैल को केएमपी रोड दिल्ली को बंद करने के समर्थन में बड़ी संख्या में पहुंचे। लक्खा ने कहा कि वह भी अपने साथियों के साथ नौ अप्रैल को ही मस्तुआणा से दिल्ली पहुंच जाएगा। लक्खा गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुए बवाल के मामले में मुख्य आरोपी है और पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित कर रखा है। इससे पहले कुंडली बॉर्डर से खुला एलान किया गया था कि किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए लक्खा की मदद ली जाएगी। बुधवार देर रात लाइव हुए वीडियो में लक्खा कह रहा है कि कृषि कानूनों के विरोध में अकेला किसान नहीं बल्कि हर वर्ग के लोग आंदोलन कर रहे हैं। तीनों कानून किसानों के लिए खतरनाक तो हैं ही साथ में हर छोटे बडे़ व्यापारी पर भी बुरा असर डालेंगे।
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लक्खा सिधाना
- फोटो : अमर उजाला
लक्खा ने कहा कि कृषि कानून सभी के लिए हानिकारक हैं। इसलिए हर छोटे बडे़ व्यापारी को भी बिना कुछ सोचे समझे किसानों के साथ केएमपी रोड दिल्ली रोकने के लिए दस अप्रैल को पहुंचना चाहिए। ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
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लक्खा सिधाना।
- फोटो : फाइल फोटो
लक्खा ने कहा कि अगर सरकार पर दबाव नहीं बनेगा तो किसानों और आम लोगों की मांग नहीं मानी जाएगी। अगर किसी भी सरकार से मांग मनवानी हो तो उस पर दबाव बनाना जरूरी होता है।
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लक्खा सिधाना
- फोटो : फाइल फोटो
कुंडली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए केएमपी एक्सप्रेस वे जाम करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। केएमपी को 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए जाम किया जाएगा और उसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों से पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है।
दीप सिद्धू और लक्खा के सवाल पर यमुनानगर में किसान नेता नरेश टिकैत ने कहा था कि लाल किले पर बवाल के लिए भी सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने वाले सभी लोगों का स्वागत है। हमें किसी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है।