गरम तेवर वाले विराट कोहली महेंद्र सिंह धोनी की तुलना में टीम इंडिया के लिए आक्रामक कप्तान माने जाते हैं। मोहाली में सिर्फ 3 दिन में ही जीत हासिल करने के बाद कोहली ने बंगलूरू में टेस्ट मैच में खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने से पहले ही एक बड़ा फैसला लेकर अपना अलग अंदाज दिखा ही दिया।
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कोहली ने दिखाया साहस, 41 साल बाद लिया टेस्ट में बड़ा फैसला
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टीम इंडिया विराट कोहली की अगुवाई में पहली बार अपने देश में कोई टेस्ट सीरीज खेल रही है और 4 मैचों की सीरीज में उसने 1-0 की बढ़त ले रखी है। बंगलूरू में जीत के साथ ही भारत सीरीज में अजेय बढ़त ले लेगा। लेकिन कोहली के एक फैसले ने सभी को चौंका दिया।
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कोहली ने दिखाया साहस, 41 साल बाद लिया टेस्ट में बड़ा फैसला
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कोहली ने सीरीज में लगातार दूसरी बार टॉस जीता है। मोहाली में उन्होंने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और फिर बंगलूरू में टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। कोहली का यह फैसला इस मायने में बेहद खास है क्योंकि 41 साल बाद किसी भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी है।
कोहली ने दिखाया साहस, 41 साल बाद लिया टेस्ट में बड़ा फैसला
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बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम ने टेस्ट मैचों की मेजबानी आज से 41 साल पहले ही 22 नवंबर, 1974 से शुरू की थी। इस मैदान पर भारत ने पहला टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला। उस समय टीम इंडिया की कमान मंसूर अली खान पटौदी के हाथों में थी और उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया।
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बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम ने टेस्ट मैचों की मेजबानी आज से 41 साल पहले ही 22 नवंबर, 1974 से शुरू की थी। इस मैदान पर भारत ने पहला टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला। उस समय टीम इंडिया की कमान मंसूर अली खान पटौदी के हाथों में थी और उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया।
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बंगलूरू में 41 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार किसी भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। इन 4 दशकों में भारत का कोई भी कप्तान टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला नहीं ले सका था, लेकिन कोहली ने यह कर दिखाया। अब देखने वाली बात होगी कि 15 साल बाद इस मैदान एक बार फिर आमने-सामने हो रही टीम इंडिया अफ्रीकी टीम से पिछली हार का बदला ले पाती है या नहीं।
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भारत और दक्षिण अफ्रीका इस मैदान पर दूसरी बार आमने-सामने हैं। पहली भिड़ंत में बाजी अफ्रीकी टीम के हाथ लगी थी। मार्च, 2000 में भारत यह मैच एक पारी और 71 रन से हार गया था। इस बार भारत पिछली हार का बदला भी लेना चाहेगा।
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बंगलूरू में तब से लेकर 20 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं और भारत तथा दक्षिण अफ्रीका के बीच 21वां टेस्ट मैच खेला जा रहा है। इन 20 में से भारत को 6 टेस्ट में जीत मिली थी और पिछले 2 मुकाबलों में टीम को जीत मिली है। जबकि 8 मैच ड्रॉ पर खत्म हुए।
कोहली ने दिखाया साहस, 41 साल बाद लिया टेस्ट में बड़ा फैसला
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टीम इंडिया ने अपने घर में लगातार 7 टेस्ट मैच जीत चुकी है। मोहाली में भारतीय टीम की लगातार जीत सत्ता था। जबकि उसका अपने घर में लगातार 10 टेस्ट मैच जीतने का रिकॉर्ड है।
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टीम इंडिया के लिए यह सीरीज इस मायने में बेहद खास है क्योंकि उसे दक्षिण अफ्रीका पर पिछले 9 साल से विदेशी धरती पर जीत का सिलसिला तोड़ना है। अफ्रीकी टीम इन 9 सालों में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई है।