लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली एमसी मैरीकॉम ने एशियाई खेलों में गजब का खेल दिखाया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। एशियाड में मैरीकॉम का यह पहला स्वर्ण पदक है।
विज्ञापन
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
2 of 9
एमसी मैरीकॉम ने 2010 में ग्ंवाझूं एशियाई खेलों में जीते अपने कांस्य पदक के रंग को 4 साल बदल दिया। इस बार वह पीले तमगे के साथ स्वदेश लौटेंगी।
विज्ञापन
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
3 of 9
विवादित फैसलों के बीच एमसी मैरीकॉम ने अपना प्रदर्शन जारी रखा और देश को मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण पदक दिला दिया।
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
4 of 9
विवादित फैसलों के बीच एमसी मैरीकॉम ने अपना प्रदर्शन जारी रखा और देश को मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण पदक दिला दिया।
विज्ञापन
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
5 of 9
एमसी मैरीकॉम ने 2010 में ग्ंवाझूं एशियाई खेलों में जीते अपने कांस्य पदक के रंग को 4 साल बदल दिया। इस बार वह पीले तमगे के साथ स्वदेश लौटेंगी।
विज्ञापन
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
6 of 9
लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली एमसी मैरीकॉम ने एशियाई खेलों में गजब का खेल दिखाया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। एशियाड में मैरीकॉम का यह पहला स्वर्ण पदक है।
विज्ञापन
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
7 of 9
एमसी मैरीकॉम और सरिता देवी दोनों साथ ही मुक्केबाजी में अभ्यास करती हैं। लेकिन मैरीकॉम स्वर्ण पदक जीत गई लेकिन सरिता के हिस्से सिर्फ आंसू ही हाथ लगी।
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
8 of 9
सरिता देवी विवादित फैसले से उबर नहीं सकीं। सेमीफाइनल के बाद वह रिंग पर ही रोने लगीं और इसके बाद आज पुरस्कार वितरण भी भावुक नजर आईं।
एक की आंखों में जीत का जश्न, दूसरी की आंखों में आंसू
9 of 9
एमसी मैरीकॉम की स्वर्णिम सफलता की तरह भारत की एक और मुक्केबाज सरिता देवी की किस्मत नहीं रही। उन्हें सेमीफाइनल में विवादित फैसले के कारण हार का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने पदक लेने से भी मना कर दिया।