क्रिकेट सभ्य लोगों का खेल जाना जाता है। आइए आपको बताते हैं 10 ऐसी घटनाएं जब मैच के दौरान क्रिकेटरों ने दिखाई जिंदादिली। (आगे की जानकारी स्पोर्ट्सकीड़ा डॉट कॉम से)
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पढ़िए 10 ऐसी घटनाएं, जब क्रिकेटरों ने दिखाई जिंदादिली
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यह तस्वीर वर्ल्ड कप 2003 के सेमीफाइनल मैच की है। ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका मैच के दौरान एडम गिलिक्रिस्ट श्रीलंकाई गेंदबाज अरविंद डीसल्वा की गेंद पर विकेट के पीछे कुमार संगकारा का शिकार हुए। अंपायर ने समझा गेंद पैड पर लगकर विकेट के पीछे गई, लेकिन गिलिक्रिस्ट बिना अंपायर की ओर देखे चुपचाप पवेलियन की ओर चल दिए।
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यह 2011 वर्ल्ड कप मैच का है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में रवि रामपॉल के ओवर में गेंद सचिन के ग्लव्स को छूकर विकेट के पीछे गई। अंपायर के फैसले का इंतजार किए बिना सचिन पवेलियन की ओर चल दिए।
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पूर्व भारतीय टेस्ट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में अपने एक फैसले को लेकर काफी मशहूर हुए। अंपायर द्वारा टी ब्रेक के ऐलान करने से ठीक पहले बल्लेबाज इयान बेल (117) रनआउट हुए। लेकिन टी ब्रेक के बाद इंग्लिश मैनेजमेंट की अपील पर धोनी ने रनआउट का रिव्यू नहीं लिया और बेल को दुबारा बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया।
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थोड़ा और पीछे चलते हैं। 1979-80 भारत बनाम इंग्लैंड एक मैच के दौरान भारतीय कप्तान गुंडअप्पा विश्वनाथ ने बड़ा दिल दिखाया। इंग्लिश बल्लेबाज बॉब टेलर 43 रन पर खेल रहे थे। पीछे मौजूद कपिल देव ने कैच लपका और अपील की। लेकिन टेलर पवेलियन की ओर नहीं गए। फिर विश्वनाथ ने टेलर के पास आकर पूछा क्या आप आउट हैं? जवाब में 'नहीं' सुनकर उन्होंने अंपायर से अपील नहीं की। टेलर नॉटआउट दिए गए।
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यह मामला 2009 चैंपियंस ट्रॉफी मैच का है। श्रीलंका और इंग्लैंड मैच के दौरान एंगेलो मैथ्यूज रन लेते हुए गेंदबाज मैट प्रायर से टकरा गए। मौके का फायदा उठाकर विकेटकीपर ने उन्हें रनआउट कर दिया। मैथ्यूज ने विरोध किया लेकिन करते क्या न करते चुपचाप पवेलियन की ओर चल दिए लेकिन उसी वक्त इंग्लिश कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने अंपायर से बातचीत कर मैथ्यूज को दोबारा खेलने के लिए बुला दिया।
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न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर डेनियल विटोरी को 2012 में एक घटना के कारण आईसीसी बेस्ट ऑनेस्ट क्रिकेटर का अवॉर्ड मिला। 2011 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान एक बल्लेबाज रन लेते हुए उनसे टकरा गया। विकेटकीपर ने रनआउट किया लेकिन विटोरी ने आउट की अपील ठुकरा दी। विटोरी गेंदबाजी कर रहे थे।
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2004 में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक वनडे मुकाबले के दौरान एंड्रयू साइमंड्स पगबाधा आउट करार दिए गए। लेकिन श्रीलंकाई कप्तान मारवन अट्टापट्टु जानते थे कि गेंद पहले बल्ले को छुई है। उन्होंने अंपायर से बातचीत कर तुरंत ही साइमंड्स को क्रीज पर दुबारा खेलने के लिए आमंत्रित किया।
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यह घटना 1987 वर्ल्ड कप मैच की है। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ मैच की आखिरी गेंद, पाक टीम को एक गेंद पर दो रन चाहिए थे। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज कोर्टनी वॉल्स गेंदबाजी कर रहे थे। अचानक वह गेंद फेंकने से ऐन वक्त पहले नॉन स्ट्राइक पर रूक गए, तब तक साथ में खड़े पाक बल्लेबाज सलीम जाफर रन के लिए दौड़ चुके थे। वॉल्स ने उन्हें रनआउट करने के बजाय दोबारा गेंद फेंकना उचित समझा। हालांकि जीवनदान मिलने के बाद भी पाक यह मैच नहीं जीत पाया।
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भारत और पाकिस्तान के बीच मैच बेहद रोमांचित होते हैं। ऐसे ही 1989 में लाहौर में एक वनडे मैच में पाक कप्तान इमरान खान ने भारतीय बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत को जीवनदान दिया। उन्हें लगा कि वकार युनूस की गेंद पर श्रीकांत गलत एलबीडब्ल्यू आउट दिए गए हैं, इमरान की दरख्वास्त पर अंपायर ने श्रीकांत को दुबारा खेलने बुलाया।
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वर्ल्ड कप 2015 का सेमीफाइनल मुकाबला जब अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने थी। पेसर डेल स्टेन गेंदबाजी करते हुए संतुलन खो बैठे और गिर गए। कीवी बल्लेबाज ग्रांट इलियट ने आकर स्टेन को हाथ बढ़ाकर ऊपर उठाया।