हम आपको दिखा रहे हैं क्रिकेट इतिहास के ऐसे 15 सुनहरे पल। जो हमेशा याद रखे जांएगे। ये मैमोरेबल मूवमेंट वर्ष 1976 से 2013 तक के हैं।
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क्रिकेट इतिहास के वे सुनहरे पल, जो बन गए बेहद खास
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यह कैच याद है ना। वर्ल्ड कप 2007 में बरमूडा टीम के फिरकी गेंदबाज ड्वेन लीवरॉक की लाजवाब डाइव। स्लिप में मौजूद लीवरॉक ने रॉबिन उथप्पा का कैच लपका था।
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तस्वीर देखकर कुछ समझे या नहीं, चलिए हम बता देते हैं। दिल्ली के फिरोजशाह कोटला के मैदान में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक टेस्ट मुकाबले में जब मधुमिक्खयों ने हमला बोल दिया था तो अंपायर समेत क्रिकेटर्स जमीन पर लेट गए थे।
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दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया ऐतिहासिक मैच। ऑस्ट्रेलिया के 434 रनों के जवाब में अफ्रीकी टीम ने एक ओवर और एक विकेट रहते 438 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की थी।
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ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और क्रिकेट के पितामाह सर डॉन ब्रेडमैन के करियर का आखिरी मैच जिसमें वह शून्य पर आउट हुए। वह पल उनके और उनके फैंस के लिए बेहद दुखद था क्योंकि उस मैच में 4 रन बनाकर वह टेस्ट में अपना बल्लेबाजी औसत 100 कर इतिहास में दर्ज हो जाते। ब्रेडमैन का बल्लेबाजी औसत 99.99 है।
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ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऐसे क्रिकेटर जिनका विवादों से हमेशा नाता रहा। डेनिस लिली इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में एल्यूमिनियम के बल्ले से बैटिंग करने उतरे थे। जिसकी तत्कालीन इंग्लिश कप्तान ने शिकायत भी की। बाद में लिली ने यह कहकर मामले को और बढ़ा दिया कि उन्हें ऐसा करने को खुद कप्तान ग्रैग चैपल ने कहा था।
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छठे नंबर पर है कैरिबियाई टीम के महान बल्लेबाज ब्रॉयन लारा की वह ऐतिहासिक पारी। इंग्लैंड के खिलाफ एक मैच में उन्होंने 400 रन नाबाद बनाए। यह कारनामा करने के बाद जमीन को चूमते हुए की यह तस्वीर क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक है।
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क्रिकेट इतिहास की यादगार पलों में कुछ ऐसे दृश्य भी हैं, जो इन पलों को बदसूरत बनाते हैं। पाक बल्लेबाज जावेद मियांदाद और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेनिस लिली के बीच तू-तू मैं-मैं इतनी बढ़ गई थी कि जावेद ने उनको मारने के लिए बल्ला तक उठा दिया था।
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क्रिकेट इतिहास के दिल छूने वाले पलों में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का यह मैच भी दर्ज है, जब इंग्लिश गेंदबाज एंड्रयू फिलंटॉफ जीत की खुशी अपने साथियों के साथ साझा कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार जीत दर्ज की थी। दुखी ब्रैट ली जमीन पर बैठे थे। फिलंटॉफ उनके पास आए और सांत्वना दी।
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2003 में नेटवेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का यह अंदाज तो भारतीय फैंस के जेहन में हमेशा रहेगा। यह पल क्रिकेट के स्वर्णिंम पलों में 9वें नंबर पर हैं।
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1976-77 में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच के इस दृश्य को देखिए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज डेनिस लिली के कहने पर स्लिप पर एक या दो नहीं पूरे नौ खिलाड़ी लगे थे। है ना अनोखी बात।
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1981 में बेन्सन एंड हेग्स वर्ल्ड सीरीज कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम की यह शर्मनाक हरकत आज भी क्रिकेट फैंस के लिए पुरानी नहीं हुई है। न्यूजीलैंड को जीत के लिए एक गेंद पर छक्के की जरुरत थी। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रैग चैपल के कहने पर उनके छोटे भाई और गेंदबाज ट्रेवर चैपल ने अंडर ऑर्म्स गेंदबाजी कर धोखे से मैच जीता।
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जोंटी रोड्स के इस कारनामे के बाद वह फिल्डिंग में सुपरमैन बन गए थे। पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में गेंद पकड़कर उन्होंने खुद को ही हवा में उछाल दिया और विकेट के ऊपर गिर पड़े। नतीजा पाक बल्लेबाज रन आउट हुए।
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क्रिकेट के भगवान और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की 100वीं सेंचुरी। बांग्लादेश के खिलाफ एक मुकाबले में उन्होंने करियर का 100वां शतक जमाया और यह पल क्रिकेट इतिहास में दर्ज कर दिया।
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वनडे वर्ल्ड कप 2011 का फाइनल मुकाबला। श्रीलंका के खिलाफ विनिंग छक्का लगाकर टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने वर्ल्ड कप जीता। यह पल भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए स्वर्णिंम है।
और आखिर में, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में बल्लेबाजी करने उतरते सचिन तेंदुलकर। यह पल खास इसलिए है क्योंकि इस मैच के बाद सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।