नया साल टीम इंडिया के लिए नई चुनौतियां लेकर तैयार है। लेकिन इससे पहले जरा नजर डालते हैं, उन 5 अच्छी बातों पर जो साल 2015 ने टीम इंडिया को दी।
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साल 2015 टीम इंडिया को दे गया 5 अच्छी बातें
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पहली बात यह रही कि एक ही बल्लेबाज टीम के लिए सर्वेसर्वा नहीं रहा। टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली इस साल टेस्ट में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे। उन्होंने 640 रन बनाए। लेकिन उनके कुछ ही दूर अजिंक्य रहाणे ने 593 रन बनाए। इसके अलावा मुरली विजय और शिखर धवन ने भी क्रमश: 522 और 485 रन बनाए।
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साल 2015 टीम इंडिया को दे गया 5 अच्छी बातें
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साल 2015 में टीम इंडिया के लिए सबसे अच्छी बात रही स्पिन गेंदबाजी। रविचंद्रन अश्विन ने लाजवाब गेंदबाजी से खुद को टीम का सबसे बेहतरीन गेंदबाज साबित किया। खासकर श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ। महज 9 टेस्ट मैचों में 62 विकेट झटकने का कारनामा किया। उनके सपोर्ट में अमित मिश्रा और रविंद्र जडेजा ने भी बखूबी साथ दिया।
साल 2015 टीम इंडिया को दे गया 5 अच्छी बातें
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विराट कोहली के रुप में टीम इंडिया को अग्रेसिव कप्तान मिला। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड मैदान से अपनी कप्तानी शुरू करने वाले कोहली ने बल्ले से अपनी धमक दिखाई तो इस साल श्रीलंका के खिलाफ सीरीज फतह करने में उनकी अग्रेसिवनेस देखी गई। उस वक्त कोहली की कप्तानी में जल्दी गुस्सा होने की बातें सामने आई थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंदाज दिखाकर उन्होंने अपने आलोचकों को दिखा दिया कि उन्हें सिर्फ जीत की भूख है। इससे इतर महेंद्र सिंह धोनी 'कूल' छवि के कप्तान माने जाते हैं। टेस्ट से संन्यास लेने के बाद धोनी के पास अब फिलहाल वनडे और टी-20 की बागडोर है।
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साल 2015 टीम इंडिया को दे गया 5 अच्छी बातें
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विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने सिर्फ स्पिनिंग ही नहीं पेस बैटरी में भी दक्षता हासिल की। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में 54 रन देकर 5 विकेट झटकने वाले इशांत शर्मा का नया रुप टीम इंडिया को देखने को मिला। हालांकि ज्यादा ही उत्साहित होने के चलते उन्हें एक मैच में टीम से बाहर होने का दंड भुगतना पड़ा। कोलंबो टेस्ट में उन पर श्रीलंकाई क्रिकेटरों से उलझने का आरोप लगा।
साल 2015 में कुछ बढ़िया पारियों ने टीम इंडिया में टेस्ट ओपनरों का विकल्प दिया। कुछ समय से टीम को अच्छे ओपनरों की दरकार थी। लोकेश राहुल के रुप में टीम इंडिया को ओपनिंग के लिए नया विकल्प मिला। मुरली विजय और शिखर धवन के अलावा टीम को बतौर टेस्ट ओपनर लोकेश राहुल नया चेहरा मिला। उधर, महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट को अलविदा कहने के बाद उनकी जगह विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्दिमन साहा ने ली।