रावण की मौत के पीछे सिर्फ सीता हरण नहीं और भी कई कारण थे। कुछ ऐसे काम जो अगर रावण न करता तो उसे शाप न लगता और न इस तरह मारा जाता।
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सीता हरण तो बहाना है, इन 8 वजहों से मारा गया रावण
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रावण ने अपने बाहुबल के चलते नवग्रहों को बंदी बना लिया था। इससे धरती पर तबाही मच गई थी। इसी कारण रावण का वध करके नवग्रहों को मुक्त कराना अनिवार्य हो गया था। इसके लिए इंद्र ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की और श्रीराम का जन्म हुआ।
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सीता हरण तो बहाना है, इन 8 वजहों से मारा गया रावण
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रावण ने देवलोक पर अधिकार कर लिया था। इससे इंद्र को देवलोक छोड़कर भागना पड़ा। देवलोक में राक्षस राज होने से देवताओं के कामकाज में दिक्कत हुई और अमानवीय कार्य बढ़ने लगे। इसके लिए इंद्र सहित सभी देवों ने भगवान विष्णु से राम के रूप में जन्म लेने की प्रार्थना की।
सीता हरण तो बहाना है, इन 8 वजहों से मारा गया रावण
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रावण भगवान शिव को लंका ले जाना चाहता था। लेकिन शिव कैलाश छोड़कर जाने को तैयार न थे। ऐसे में रावण ने कैलाश पर्वत ही उठाना चाहा। इससे पार्वती मां नाराज हो गई और रावण को शाप दिया जिसके चलते राम को जन्म लेना पड़ा।
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रावण ने कुबेर की पुत्रवधु रंभा से दुराचार किया था जिसके फलस्वरूप रंभा ने रावण शाप दिया था कि भविष्य में अगर तुमने किसी स्त्री की इच्छा के बगैर उसे छूना चाहा तो तुम्हारी मृत्यु का वही कारण होगा।
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वेदवती को तपस्या करता देख कामुक रावण ने दुराचार करना चाहा। कन्या रावण से अपने को बचाकर आत्महत्या कर लेती है और मृत्यु से पहले शाप देती है कि तुम्हारी मृत्यु का कारण एक स्त्री ही होगी।
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रावण ने तपस्या कर रहे कई ऋषियों का वध कर दिया। रावण के आतंक से परेशान ऋषियों ने उसे शाप दिया कि ये इन सभी ऋषियों के रक्त और मज्जा से मिलकर बनी सीता ही रावण के वध का कारण बनेगी।
सीता हरण तो बहाना है, इन 8 वजहों से मारा गया रावण
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रावण ने राजा अनरण्य के राज्य पर अधिकार करने के लिए आक्रमण किया। अनरण्य और रावण के बीच भीषण युद्घ हुआ। ब्रह्मा जी के वरदान के कारण अनरण्य रावण के हाथों पराजित हुए। रावण राजा अनरण्य का अपमान करने लगा। इससे राजा ने शाप दिया कि हमारे वंशज राजा दशरथ के पुत्र के हाथों तुम्हारी मृत्यु होगी।
रावण स्वर्ग तक पहुंचना चाहता था जहां सिर्फ कर्मों के बल पर ही जाया जा सकता है। उसने सशरीर स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ी तक बनानी चाही। इसे रोकने के लिए ही राम को अवतार लेना पड़ा ताकि रावण स्वर्ग तक न पहुंच पाए।