दीपावली के मौके पर आप मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आप हर जतन करते हैं। मां को तरह-तरह के प्रसाद और भोग चढ़ाते हैं लेकिन पांच प्रसाद ऐसे हैं जो मां लक्ष्मी को सबसे अधिक प्रिय है इसलिए दीपावली के अवसर पर इन पांच प्रसाद को भोग जरुर लगाएं।
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पांच प्रसाद जिसके बिना लक्ष्मी पूजा अधूरी
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मां लक्ष्मी को पानी में उगने वाला फल मखाना बहुत प्रिय है। इसका कारण यह है कि मखाना जल में एक कठोर आवरण में बढ़ता है। इसलिए यह हर तरह से शुद्घ और पवित्र रहता है। इसका प्रयोग यज्ञ और हवन में भी किया जाता है।
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पांच प्रसाद जिसके बिना लक्ष्मी पूजा अधूरी
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इस समय बाजार में आपको जल सिंघारा खूब दिखता होगा। यह मां लक्ष्मी के पसंदीदा फलों में से एक है। इसका कारण यह है कि यह भी जल में पैदा होता है। यह मौसमी फल है और सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद भी।
पांच प्रसाद जिसके बिना लक्ष्मी पूजा अधूरी
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लक्ष्मी माता का प्रिय फल होने के कारण ही नारियल को श्रीफल कहा गया
है। मखाने की तरह यह भी कठोर आवरण से ढंका रहता है। जिससे यह शुद्ध और
पवित्र रहता है। लक्ष्मी मैया को नारियल का लड्डू, कच्चा नारियल एवं जल से
भरा नारियल अर्पित करने वाले पर माता प्रसन्न होती हैं।
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पांच प्रसाद जिसके बिना लक्ष्मी पूजा अधूरी
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ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मखाना, जल सिंघार और बताशे ये तीन चीजें चन्द्रमा से संबंधित वस्तुएं हैं। चन्द्रमा
को देवी लक्ष्मी का भाई माना जाता है। चन्द्र से संबंध होने के कारण
बताशे माता को प्रिय हैं। यही कारण है कि दीपावली में बताशे और चीनी के खिलौने लक्ष्मी माता
को अर्पित किए जाते हैं।
माता को पान बहुत पसंद है। मधु यानी शहद से भरा पान खाने के बाद जब
होंठों पर पान की लाली आ जाती है तो इसे देखकर देवी आनंदित होती है। इसलिए
पूजा के बाद सबसे अंत में देवी को पान अवश्य अर्पित करना चाहिए।