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एक ऐसा गांव जहां पर आदमियों के आने पर है रोक

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एक ऐसा गांव जहां पर पुरूषो के आने पर पाबंदी है। केन्या के उमोजा गांव में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। उमोजा वो गांव है जिसको वर्ष 1990 में उन 15 महिलाओं ने बसाया था जिनका ब्रिटिश सेना के जवानों ने बलात्कार किया था।

सभी फोटो-जार्जिया गुडविन द आर्ब्जवर
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एक ऐसा गांव जहां पर आदमियों के आने पर है रोक

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आज उमोजा गांव में सिर्फ वही महिलाएं रहती है जो बाल विवाह, खतना प्रथा, घरेलू हिंसा और बलात्कार जैसी यातनाओं के चलते घर छोड़ देती हैं। इन्हीं महिलाओं से यहां की आबादी बढ़ती है।
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गांव में एक पेड़ के नीचे बैठा बच्चा और दूर-दूर तक कोई इंसान यहां पर नहीं है।

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इस गांव में सिर्फ 200 बच्चे हैं जिनके पढ़ने के लिए अलग से स्कूल भी खोला गया है। यह स्कूल महिलाओं की तरफ से ही खोला गया है।
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नारकोचोम का कहना है कि हर दिन में उठती हूं और खुद के लिए मुस्कुराती हूं।
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अपनी आजीविका के लिए लोग यहां पर कुटीर उद्योगों पर निर्भर रहते हैं। चीना लाप्रोदती अपने बच्चे के साथ बैठ कर ज्वैलरी बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार करती हुई।
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इस गांव में बच्चों के लिए अलग से स्कूल भी बनाया गया है।

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ये इस गांव की उम्र दराज 68 वर्षीय महिला सीऐटा लेनगिमा हैं।

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ये ग्रेब्रिला है जो लकड़ियां बटौर रही हैं। इनकी उम्र अभी 24 वर्ष है और ये भी इसी गांव का हिस्सा है।

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आज उमोजा गांव में सिर्फ वही महिलाएं रहती है जो बाल विवाह, खतना प्रथा, घरेलू हिंसा और बलात्कार जैसी यातनाओं के चलते घर छोड़ देती हैं। इन्हीं महिलाओं से यहां की आबादी बढ़ती है।
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खुश रहने के लिए उमोजा गांव की महिलाएं खुद ही उत्सव मनाती है और आपस में खुशियां बांटती हैं।
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