पाकिस्तान के अखबार डॉन ने कहा है कि विश्वविद्यालय पर हमले का मास्टरमाइंड उमर मंसूर था। उमर मंसूर दिसंबर 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमले का मास्टरमाइंड भी था। इसमें 132 बच्चों की जान गई थी। वह टीटीपी के सरगना हकीमुल्ला मसूद का करीबी रहा है और पेशावर के पास दर्रा आदम खेल का रहने वाला हैं।
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आतंकी हमले का मास्टर माइंड उमर मंसूर है असली खिलाड़ी
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37 साल का मंसूर कभी वॉलीबॉल प्लेयर था। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसके बाद भी वह बच्चों को निशाना बनाता है। पेशावर हमले के बाद से वह ‘चाइल्ड किलर’ के तौर पर बदनाम है।
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आतंकी हमले का मास्टर माइंड उमर मंसूर है असली खिलाड़ी
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साथ ही पाकिस्तान के अखबार डॉन ने ही शिक्षण संस्थानों में हमलों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आशंका जाहिर की है कि स्कूलों पर आतंकी हमले बढ़ सकते हैँ। अखबार में कहा गया है कि पाकिस्तान में शिक्षण संस्थानो पर बढ़ते हमले खतरे की घंटी है। दुनिया में पाकिस्तान ही ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा शिक्षण संस्थानों पर हमले हुए है। हालांकि आर्मी स्कूल में हमले को छोड़ दें तो बाकी हमले हिंसक नहीं रहे हैँ।
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पाकिस्तान के ट्रिब्यून एक्सप्रेस अखबार ने तहरीक-ए-तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद खोरासनी के हवाले से कहा है कि बाचा खान विश्वविद्यालय पर हमले का संगठन से कोई लेना देना नहीं है, जबकि इससे पहले संगठन की ओर से कहा गया था कि हमले के पीछे उसका हाथ है।
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ट्रिब्यून एक्सप्रेस अखबार ने ही लिखा है कि युनिवर्सिटी पर हमले के बाद दहशत का माहौल पैदा हो गया। पेशावर के कई स्कूलों से माता पिता अपने बच्चों को घर ले गए। पाकिस्तान की वेबसाइट द न्यूज इंटरनेशनल ने बाचा खान विश्वविद्यालय पर हमले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निंदा करने की खबर को प्रमुखता से पेश किया है।