पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो पत्रकार रेनी सी बायर ने बांग्लादेश, बोलिविया, कम्बोडिया, घाना, भारत, लाइबेरिया, माल्दोवा, पेरू, रोमानिया और थाईलैंड की यात्रा की। वो ऐसे लोगों के जीवन को कैमरे में उतार रही थी जो हर रोज महज एक डॉलर में गुजारा करते हैं। (सभी तस्वीरें बीबीसी से)
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PICS: एक डॉलर में गुजारा करने वालों की कैसी होती है जिंदगी
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25 वर्षीय जेस्टिना कोको लाइबेरिय में रहती है। तीन साल की उम्र से ही वो चल नहीं सकती हैं। वो इसी तरह कपड़े धोने, घर में बने बिस्किट इत्यादि बेचने और भीख मांगने जैसे काम करती हैं। वो चाहती हैं कि उनकी बेटी साटा स्कूल जाए और पढ़ाई करे।
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PICS: एक डॉलर में गुजारा करने वालों की कैसी होती है जिंदगी
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घाना के एकरा में आठ वर्षीय फाटी मलेरिया से पीड़ित है। फाटी इलेक्ट्रानिक उपकरणों के फेंके गए भागों को इक्ठ्ठा करती है और उन्हें बेचकर पैसा कमाती है।
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इस तस्वीर में चार साल की अन्ना मारिया ट्यूडर रोमानिया के बुखारेस्ट स्थित अपने घर में मौजूद है। उनके परिवार पर घरबदर होने का चातरा मंडरा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि कोइर्द चमत्कार आकर उन्हें बचा लेगा। उनके एक कमरे वाले घर में न ही बाथरूम है और न ही पीने का पानी आता है।
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बायर को 13 साल की हनपा बेगम दिल्ली में मिली। हनपा पिछले दस साल से देख नहीं सकती है उनके भाई हाजिबुद्दीन शेख की उम्र छह साल है और उनकी मां की 35 साल। दोनों को गंभीर बीमारियां हैं फिर भी उनका परिवार खुश नजर आता है।
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बायर ने संगीता की यह तस्वीर पहली बार तब ली जब उनकी उम्र महज दो साल थी। संगीता की मां दिल्ली के एक धर्मशाला में झुग्गी में रहती है, और भीख मांग कर गुजारा करती हैं। कई बार वे बच्चे को ज्यादा भूख रखती हैं ताकि ज्यादा भीख मिले। इस तस्वीर को लिए जाने के बाद टॉन्ग-लेन चैरिटबल ट्रस्ट मोबाइल मेडिकल क्लिनिक संगीता की मदद कर रहा है।
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साठ वर्षीय फे फाना कम्बोडिया-थाई सीमा के करीब 1988 में एक बारूदी सुरंग की चपेट में आ गई जिसमें उन्हें अपना एक पैर गवाना पड़ा। फाना विधवा हैं और अपने 11 लोगों के परिवार की मुखिया है। वो यहां किराए के घर में रहती हैं जिसे जल्द ही गिराया जाने वाला है क्यों कि 2008 में एक बिल्डर ने इसे खरीद लिया था।
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नौ साल के एल्वारो कालांचा क्यूइस्पे के पिता का देहांत हो चुका है। वो बोलिविया के पहाडों में भेड़ चराकर अपने परिवार के लिए जीविका कमाते हैं। रोजी-रोटी के लिए वे अपने जानवरों पर निर्भर हैं।