तक्षशिला को बौद्ध सभ्यता की पहचान के लिए जाना जाता है, जहां पर बौद्ध धर्म से जुड़ी कई पहचान अभी भी बाकी बच हुई हैं।
साभार-डॉन
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तस्वीरें: सदियों पुराने मंदिर की पाकिस्तान में हो रही है हिफाजत
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पर शायद कुछ लोग ही जानते होंगे कि बौद्ध धर्म की पहचान कहे जाने वाले इस केंद्र के बीच में जोरोस्ट्रियन मंदिर भी है। इस मंदिर को जेनडाल मंदिर के तौर पर जाना जाता है।
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शोधकर्ताओं और इतिहसविदों के मुताबिक जनडाइल मंदिर पहली सदी बीसी का है जोकि सिरकप शहर में स्थित है। अब इस मंदिर को पाकिस्तान में संरक्षित किया जा रहा है।
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यह मंदिर प्राचीन समय के पत्थरों से बन कर तैयार हुआ था। इस पत्थरो को तलछटी पत्थर भी कहा जाता है।
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इतिहासकार ए.च. धनी की पुस्तक हिस्ट्री ऑफ सिविलाइजेशन ऑफ सेंट्रल एशिया में लिखा है कि जोरोस्ट्रियन मंदिर जेनडाल की पहचान है जोकि इंडो-पर्शियन की तरफ से बनवाया गया था।