अमरीका में मौसम तो इन दिनों शुक्रगुजार होने का है, माफ करने का है, गले लगाने का है यानी थैंक्सगिविंग का। लेकिन माहौल ब्लेमगिविंग, एक दूसरे पर उंगलियां उठाने, आंखें दिखाने और तू-तू मैं-मैं का बना हुआ है। हर साल की तरह ओबामाजी ने दो मोटी-ताजी टर्कियों के सर पर हाथ रखकर उनकी जान बख्श दी है, फोटो खिंचवा ली और अपना फर्ज पूरा कर दिया है। लेकिन इसके बावजूद दोनों टर्कियां टीवी पर चल रही बहस सुन-सुनकर उन्हें भी शायद लगने लगा होगा कि ओबामा तो उनकी हिफाजत करने से रहे।(ब्रजेश उपाध्याय बीबीसी संवाददाता, वाशिंगटन)
विज्ञापन
अमरीकी टर्कियों का भी ओबामा से उठा भरोसा!
2 of 7
कोई बड़ी बात नहीं कि वो भी हड़ताल कर दें कि उनके सर पर पुतिन या
रिपब्लिकन उम्मीदवारों का हाथ रखा जाए। मैं जिस वक्त यह लिख रहा हूं, लाखों
अमरीकी परिवार डाइनिंग टेबल के इर्द-गिर्द बैठ चुके हैं, धारदार
अमरीकी चाकू से काजू-बादाम से ठुंसी हुई टर्की को बड़े करीने से काट-काटकर
प्लेटों में रखा जा रहा है, रेड वाइन सुरकी जा रही है, ऊपरवाले का
शुक्रिया भी अदा किया जा रहा है कि इतना बढ़िया खाना उन्हें नसीब हो रहा
है।लेकिन जब पेट भरेगा तो खाने की टेबल पर बहस शुरू होगी और अमरीका का दबा हुआ गुस्सा डकार बनकर बाहर आएगा।
विज्ञापन
अमरीकी टर्कियों का भी ओबामा से उठा भरोसा!
3 of 7
अंदाजा है कि इस बार बहस की मेन्यू पर सबसे ऊपर इस्लामिक स्टेट, आतंकवाद, मुसलमान, सीरिया से जान बचाकर भाग रहे शरणार्थी और इन मामलों पर कुछ हद तक ऊंघते हुए नजर आने वाले ओबामा भी होंगे।बहस में थोड़ा बहुत जिक्र शायद काले-गोरे और नस्लवाद का भी हो। लेकिन अर्थव्यवस्था, शिक्षा पर आसमान छूता खर्च, आईफोन के नए मॉडल, कारदाशियां परिवार, ब्लैक फ्राइडे की सबसे बढ़िया सेल, घरों की बढ़ती कीमत, नई डेटिंग साइट, मिशेल ओबामा के कपड़े, बिल क्लिंटन के लफड़े, इन सब पर "मुस्लिम्स, रैडिकल इस्लाम, लोन वुल्फ अटैक" भारी पड़ेंगे।
अमरीकी टर्कियों का भी ओबामा से उठा भरोसा!
4 of 7
एक कहेगा आईएसआईएस बुश की वजह से पैदा हुआ, दूसरा उसके लिए ओबामा को जिम्मेदार ठहराएगा। ग्यारह सितंबर के हमले के बाद जब ट्विन टावर्स गिरे तो न्यूजर्सी के मुसलमानों ने तालियां बजाईं या नहीं, चौदह साल बाद एक बार फिर से इस पर बहस होगी। रिपब्लिकन उम्मीदवारी की रेस में सबसे आगे चल रहे डॉनल्ड ट्रंप ताल ठोक कर कह रहे हैं कि उन्होंने टीवी पर मुसलमानों को ताली बजाते देखा था।
विज्ञापन
अमरीकी टर्कियों का भी ओबामा से उठा भरोसा!
5 of 7
कुछ दूसरे उम्मीदवार भी कहने लग गए हैं कि उन्होंने भी कुछ ऐसा देखा था। शामत बेचारे टीवी चैनलों की आई हुई है क्योंकि उन्होंने न तो कोई ऐसा वीडियो देखा है न दिखाया है।बहस में एक धड़ा ट्रंप साहब के बयान के साथ होगा, दूसरा न चाहते हुए भी उनकी रेटिंग देखते हुए उनकी बातों में हां में हां मिलाएगा, तीसरा उनके खिलाफ होने की कोशिश करेगा। बाहर ठंड बढ़ रही होगी लेकिन अंदर वाइन की गर्मी चढ़ रही होगी।
विज्ञापन
अमरीकी टर्कियों का भी ओबामा से उठा भरोसा!
6 of 7
कुछ दूसरे उम्मीदवार भी कहने लग गए हैं कि उन्होंने भी कुछ ऐसा देखा था। शामत बेचारे टीवी चैनलों की आई हुई है क्योंकि उन्होंने न तो कोई ऐसा वीडियो देखा है न दिखाया है। बहस में एक धड़ा ट्रंप साहब के बयान के साथ होगा, दूसरा न चाहते हुए भी उनकी रेटिंग देखते हुए उनकी बातों में हां में हां मिलाएगा, तीसरा उनके खिलाफ होने की कोशिश करेगा। बाहर ठंड बढ़ रही होगी लेकिन अंदर वाइन की गर्मी चढ़ रही होगी।
अंदाजा यह भी है कि हवाई जहाज की महंगी-महंगी टिकटें खरीदकर, घर की अच्छी भली गर्म रजाई छोड़कर, एयरपोर्ट पर भारी सिक्योरिटी झेलकर, महीनों से इसी मौके के लिए पाली जा रही टर्कियों को हलाल कर एक जगह जुटे भाई-बहन, मां-बाप, दादा-दादी, बीवी-बच्चे इस थैंक्सगिविंग पर इतनी तीखी बहस करेंगे कि उससे पैदा हुआ गुस्सा शायद क्रिसमस तक भी ठंडा न हो। ओबामा ने कहा है कि उनकी खुफिया एजेंसियों के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि थैंक्सगिविंग पर आइसिस अमरीका के अंदर हमला करने वाला है।