सीरिया से लौटी पहली ब्रितानी महिला को चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट की सदस्यता लेने और ट्विटर के जरिए चरमपंथ को बढावा देने का दोषी पाया गया है। बर्मिंघम की रहने वाली 26 साल की तरीना शकील ने इन आरोपों से इनकार किया है पर माना कि वह सीरिया गई थीं तरीना को सोमवार को सजा सुनाई जानी है।
विज्ञापन
26 साल की तरीना आईएस से जुड़ने की दोषी, सुनाई जाएगी सजा
2 of 5
बर्मिंघम क्राउन कोर्ट में दो हफ्ते चली सुनवाई के बाद जूरी ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया कि वह सिर्फ शरिया कानून के तहत रहना चाहती थीं।
विज्ञापन
26 साल की तरीना आईएस से जुड़ने की दोषी, सुनाई जाएगी सजा
3 of 5
जूरी को तरीना के ट्वीट, मैसेज और तस्वीरें दिखाई गईं इसमें वह तस्वीर भी
थी, जिसमें इस्लामिक स्टेट का झंडा और लोगों से 'हथियार उठाने' की अपील का
संदेश था।
26 साल की तरीना आईएस से जुड़ने की दोषी, सुनाई जाएगी सजा
4 of 5
उन्होंने अपने एक संदेश में 'शहीद' होने की इच्छा भी जताई थी। 2014 में सीरिया जाने के बाद तरीना ने इस्लामिक स्टेट के चिह्न वाला कपडा पहनकर अपने बेटे के साथ तस्वीरें खिंचवाईं थीं। उनका कहना था कि उनके बच्चे को 'हैट अच्छा लगता है'।
26 साल की तरीना आईएस से जुड़ने की दोषी, सुनाई जाएगी सजा
5 of 5
बचाव पक्ष के मुताबिक तरीना अपनी 'खराब पारिवारिक जिंदगी' से पीछा छुडाने के लिए सीरिया गई थीं, हालांकि वह सीरिया में खुश नहीं थीं। जनवरी 2015 में तरीना इस्लामिक स्टेट के इलाके से लौटी थीं। तरीना ने जूरी के सामने माना, "मैं खुद ही वापस लौटी मैं इसलिए लौटी क्योंकि मुझे लगा कि मुझसे गलती हुई है"।