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तेजी से भूलते हैं चीजें, तो ये शोध बताता है आसान इलाज

Wed, 27 Jan 2016 02:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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हारवर्ड मेडिकल स्कूल में हुए एक शोध में सामने आया है कि चाहे कोई भी उम्र हो यादाश्त कमजोर होना एक आम बात हो गई है। ऐसे में चाहे किसी भी उम्र के हो अगर सही समय पर ध्यान दिया जाए तो दिमाग की बीमारियों से निजात पाई जा सकती है।

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तेजी से भूलते हैं चीजें, तो ये शोध बताता है आसान इलाज

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जानिए वो कौन से तरीक हैं जिससे यादाश्त को हर उम्र में बनाया रखा जा सकता है।
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शोध का कहना है कि शारीरिक सेहत और दिमागी सेहत दोनों साथ-साथ चलती हैं। ऐसे में जरुरी हो जाता है अगर यादाश्त बराबर रखनी है तो रोजाना कसरत करें। वैसे शोधकर्ता ये नहीं बताते कि कितनी कसरत कि जाए जिससे दिमाग स्वस्थ रहे। बस एक निश्चित समय के लिए रोजाना करना जरुरी है।

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मैकआर्थर की स्टडी बताती है कि निरंतर सीखते रहने से लंबे समय तक यादाश्त कायम रहती है। इसके लिए कुछ ना कुछ पढ़ते रहें। कोई नई हॉबी अपना लें और उसे सीखें। रोजाना आसपास होने वाली घटनाओं से खुद को लैस रखें।

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शोध बताते हैं कि सिगरेट पीने वाले लोगों के नाम और चेहरे जल्दी भूल जाते हैं। सिगरेट पीने का सीधा संबंध तनाव से और तनाव यादाश्त को खराब करता है। इसके अलावा तनाव स्ट्रोक और हाइपरटेंशन के खतरे को दुगुना कर देता है जोकि यादाश्त के लिए खतरनाक है।

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स्वस्थ आहार दिमाग को तंदुरुस्त रखता है। खूब सारे फल और सब्जियों का सेवन करें, फायदा होगा।
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शोध कहते हैं कि रात में 6 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त है। ये दिमाग के लिए जरुरी है। इससे यादाश्त बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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विटामिन सी, ई और बीटा कैरोटीन की गोलियां लेते रहें, ये भी बेहतर यादाश्त के लिए जरुरी है।
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बुढ़ापे में हो या फिर किसी भी उम्र के हो, सामाजिक सहयोग बहुत जरुरी है किसी के भी विकास में। यादाश्त और दिमागी सेहत भी इसी से जुड़ी हुई है। दोस्तो, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के साथ रहने से यादाश्त मजबूत करने में मदद मिलती है।
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