दिल के दौरे के लिए जिम्मेदार कॉलेस्ट्रॉल की समस्या बुजुर्गों में ही नहीं अब युवाओं में भी खूब मिलती है। ये कुछ जादुई उपाय इसे काबू कर सकते हैं।
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जानिए 9 जादुई उपाय और कोलेस्ट्रॉल को कहिए बाय-बाय
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लहसुन के सेहत से जुड़े ढेरों फायदों में कोलेस्ट्रॉल को काबू में रखना भी एक है। हालांकि इसकी तासीर गर्म होती है, लेकिन सर्दी का मौसम है, इसलिए अभी इसका भरपूर इस्तेमाल किया जा सकता है। फिर भी अगर खून से जुड़ी कोई समस्या है तो लहसुन का इस्तेमाल बढ़ाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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ग्रीन टी में भरपूर में मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये रक्त धमनियों में जमा चिकनाई को घटाने में बहुत मददगार है। इसलिए ये दिल की बीमारियों से तो बचाती ही हैं साथ ही शरीर की अतिरिक्त चर्बी भी घटाकर आपको जवां भी रखती है।
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कॉलेस्ट्रॉल से लड़ने में अलसी का बड़ा योगदान हो सकता है। इसके पिसे हुए बीजों का भी आप जेसे चाहें वैसे इस्तेमाल करिए। सलाद या सब्जी में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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काले अंगूर में मौजूद फाईटोकेमिकल कोलेस्ट्रॉल को काबू करते हैं। जिससे दिल की बीमारियों से निजात मिलती है।
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राजमा खाने में स्वादिष्ट तो होता ही है, इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल की समस्या से भी बचाते हैं। इसलिए भोजन में राजमा को जरूर शामिल करें।
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ताजा हरी सब्जियों का जितना ज्यादा इस्तेमाल करेंगे उतना ही फायदे में रहेंगे। हरी सब्जियों में मौजूद खनिज, विटामिन और फाइबर रक्त धमनियों में कॉलेस्ट्रॉल को जमा नहीं होने देते हैं, जिससे दिल और लिवर की बीमारियों से बचाव होता है।
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सूखे मेवे भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये कॉलेस्ट्रॉल को तो काबू में करते ही है साथ ही ऊर्जा का अच्छा श्रोत हैं। सर्दियों में रोजाना सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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शरीर में पाई जाने वाली चिकनाई को कोलेस्ट्रॉल कह सकते हैं, ये मोम के जैसा चर्बीयुक्त पदार्थ होता हैं और खासतौर पर लीवर में बनता हैं। असंतुलित खान-पान या जेनेटिक डिसऑर्डर के चलते भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता हैं। मधुमेह की तरह ये भी एक मेटाबोलिक बीमारी हैं, जिसे खत्म तो नहीं, काबू में जरूर किया जा सकता है।
नियंत्रित मात्रा में कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए अच्छा भी है। ये कोशिकाओं की दीवारों को बनाने, आंतों में खाना पचाने लायक अम्ल तैयार करने, शरीर में विटामिन डी का उत्पादन करने और हार्मोन्स बनाने का काम करता है।