एक व्यक्ति का वजन उसके शुक्राणुओं से पास होनेवाली सूचना पर असर डालता है जिसकी वजह से बच्चे मोटे पैदा हो सकते हैं। जानकारी एक शोध में सामने आई।
विज्ञापन
मर्दों का वजन डालता है शुक्राणुओं पर असर, मोटे पैदा होते हैं बच्चे!
2 of 6
दुबले और मोटे पुरुषों की शुक्राणु कोशिकाएं अलग-अलग तरह के निशान रखती हैं, शायद हो सकता है इससे जीनों के व्यवहार में बदलाव होता हो।
विज्ञापन
मर्दों का वजन डालता है शुक्राणुओं पर असर, मोटे पैदा होते हैं बच्चे!
3 of 6
इस अध्ययन के लेखक डॉक्टर रोमेन बार्रेज ने कहा, "एक महिला को गर्भावस्था के दौरान अपना ख्याल रखना चाहिए।" उन्होंने कहा, "यदि हमारे अध्ययन के अनुमान सच होते हैं तो फिर पुरुषों को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जाने चाहिए।"
मर्दों का वजन डालता है शुक्राणुओं पर असर, मोटे पैदा होते हैं बच्चे!
4 of 6
कोपेनहैगेन यूनिवर्सिटी के इस शोध का एक हिस्सा "सेल मेटाबोलिजम" पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
विज्ञापन
मर्दों का वजन डालता है शुक्राणुओं पर असर, मोटे पैदा होते हैं बच्चे!
5 of 6
शोध में ऐसे छह मोटे पुरुषों के शुक्राणुओं का परीक्षण किया गया जो वजन कम करने के लिए सर्जरी की मदद ले रहे थे। फिर उन पुरुषों के शुक्राणुओं को वजन कम करने के उपचार से पहले, इलाज के हफ्ते बाद और तीसरी बार साल भर बाद जांचा गया।
मर्दों का वजन डालता है शुक्राणुओं पर असर, मोटे पैदा होते हैं बच्चे!
6 of 6
शोधकर्ताओं में से एक डॉ बार्रेज ने बताया कि उपचार के एक हफ्ते बाद शुक्राणु में बदलाव देखा गया। फिर एक साल बाद भी ये बदलाव देखा गया। उन्होंने बताया कि हालांकि शुक्राणु कोशिकाओं के आनुवांशिक ढांचे में कोई बदलाव नहीं देखा गया। लेकिन उन्होंने एपिजेनेटिक बदलाव देखे जिससे जीन के शरीर में खुद को प्रकट करने के तरीके में बदलाव हो सकता है।