मच्छर की साढ़े तीन हजार से ज्यादा प्रजातियां हैं। जानिए इनमें से सबसे खतरनाक मच्छर और उनसे होने वाली बीमारियों को।
एडीज मच्छर
एडीज मच्छर काटने से डेंगू बुखार होता है। हैरानी की बात ये हैं कि इसके ज्यादातर मामले शहरी इलाकों में पाए मिलते हैं।
क्यूलेक्स मच्छर
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से वेस्ट नील वायरस खून के बहाव को अनियंत्रित करते हैं। इससे ब्रेन टिश्यूज को भी नुकसान पहुंचता है। इसके वायरस स्तनपान के समय बच्चों में चले जाते हैं। कई बार इस मामले में मौत तक हो जाती है।
मादा एनोफ्लीज मच्छर
प्लासमोडियम फेल्सीपेरम और प्लासमोडियम वाइवैक्स के कारण मलेरिया होता है। मादा एनोफ्लीज मच्छर के काटने से ये वायरस खून में पहुंच जाता है। जिसके बाद कंपकपी देकर तेज बुखार आता है। आज मलेरिया का इलाज संभव है। कुछ साल पहले मलेरिया से लोगों की मौत हो जाती थी।
एडीज एजिप्टी
अफ्रीका और साउथ अमेरिका में यलो फीवर एक आम बीमारी है। एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से ये बुखार होता है। इसके वायरस से संक्रमित होने के सात दिन तक शरीर हल्का-हल्का गर्म रहता है। उसके बाद सिरदर्द, मतली और तेज बुखार आता है।
रिफ्ट वैली फीवर
रिफ्ट वैली फीवर भी एडीज मच्छर के काटने से होता है। इसके वायरस पालतू जानवरों से आते हैं। एशिया, सऊदी अरब और पश्चिम अफ्रीका में इसके ज्यादा मामले मिलते हैं।
मरे वैली इंसेफ्लाइटिस
मरे वैली इंसेफ्लाइटिस भी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसके ज्यादातर मामले ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिलते हैं। इसके वायरस से दिमाग के टिश्यूज को नुकसान पहुंचता है। सिर दर्द, गर्दन की जकड़न, आलस में रहना इसके कुछ विशेष लक्षण है।
एडीज, एडीज इजिप्टी और एशियन टाइगर
एडीज, एडीज इजिप्टी और एडीज एल्वोपिक्टस (इसे एशियन टाइगर भी कहते हैं) मच्छरों से चिकनगुनिया बुखार फैलता है। इसमें जोड़ों का दर्द, सिर दर्द, उलटी, पीठ दर्द और खुजली का होना इसके कुछ विशेष लक्षण हैं।
जैपिनीज इंसेफ्लाइटिस
जैपिनीज इंसेफ्लाइटिस को दिमागी बुखार भी कहते हैं। इस बीमारी का इलाज केवल वैक्सीन के से ही संभव है। एशिया, न्यू गिनी और उत्तरी क्वींसलैंड में इसके ज्यादा मामले पाए जाते हैं।
डॉग हार्टवोर्म
पालतू कुत्तों से डॉग हार्टवोर्म होने का खतरा होता है। मच्छरों से कुत्तों के हानिकारक वायरस लारवा के द्वारा इंसान के खून में पहुंच जाते हैं। कुत्ते के अलावा बिल्ली और तोते से भी इसके वायरस मच्छरों द्वारा इंसानों को अपना शिकार बनाते हैं। अमेरिका और कनाडा में ये बीमारी आम है।
वेस्टर्न इक्वाइन इन्सेफेलाइटिस
वेस्टर्न इक्वाइन इन्सेफेलाइटिस का पता सन 1930 में कनाडा और मैक्सिको में लगा। ये बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। इसका इलाज वैक्सीन से किया जाता है। हर साल करीब एक हजार लोगों की मौत इस बीमारी से होती है। इससे सबसे ज्यादा इंसान और घोड़े संक्रमित होते हैं।